मध्य प्रदेश: ग्वालियर में गुर्जर समाज की हुंकार, 29 अक्टूबर की गुर्जर स्वाभिमान रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प!!
आरक्षण आंदोलन के 73 वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, शिक्षा, रोजगार, राजनीति और संगठनात्मक एकता को मजबूत करने पर मंथन
दो टूक//ग्वालियर, मध्य प्रदेश। होटल रॉयल माइलस्टोन रिजॉर्ट, ग्वालियर में गुर्जर समाज की सामाजिक एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के इतिहास, शिक्षा, व्यवसाय, राजनीति, सामाजिक भाईचारे और संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आगामी 29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली को ऐतिहासिक बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में समाज के लोगों को दिल्ली पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
बैठक का आयोजन होतम सिंह द्वारा किया गया। अध्यक्षता पूर्व विधायक सोबरन सिंह गुर्जर ने की, जबकि संचालन बृजमोहन ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी उपस्थित रहे।
बैठक में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केपी सिंह कसाना, सविंदर भाटी, जयप्रकाश विकल, रामकेश चपराना, मध्य प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, जगबीर दौला, वीरेंद्र बिधूड़ी, मनवीर नागर, सुनील भाटी, प्रेम कृष्ण आर्य और अरुण भाटी सहित महासभा के पदाधिकारी एवं समाज के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
73 वीर गुर्जर शहीदों को किया नमन
बैठक के दौरान राजस्थान में हुए ऐतिहासिक गुर्जर आरक्षण आंदोलन को स्मरण करते हुए आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले 73 वीर गुर्जर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। विशेष रूप से हिंडौन सिटी के रेल रोको आंदोलन और समाज के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज के अधिकारों की लड़ाई में जिन लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, उनके संघर्ष और त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। समाज की नई पीढ़ी को अपने संघर्ष, इतिहास और महापुरुषों के योगदान से परिचित कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शिक्षा और रोजगार को बताया समाज की तरक्की की कुंजी
बैठक में समाज की प्रगति के लिए शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए युवाओं को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही व्यवसाय और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को उचित मार्गदर्शन एवं मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की ओर से समाज के होनहार एवं प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग एवं मंच उपलब्ध कराने का संकल्प भी लिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज की युवा शक्ति शिक्षित, आत्मनिर्भर और संगठित होगी तो सामाजिक एवं आर्थिक रूप से समाज को नई मजबूती मिलेगी।
13 सितंबर को राष्ट्रीय गुर्जर दिवस मनाने पर जोर
बैठक में 13 सितंबर को गुर्जर सम्राट मिहिर भोज जयंती को “राष्ट्रीय गुर्जर दिवस” के रूप में मनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के गौरवशाली इतिहास, महापुरुषों और उनके योगदान को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। इतिहास और संस्कृति से जुड़ाव समाज में आत्मविश्वास और एकता की भावना को मजबूत करता है।
29 अक्टूबर की रैली को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान
बैठक का सबसे प्रमुख केंद्र आगामी 29 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती के अवसर पर दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली रही। महासभा के पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने रैली को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान करते हुए मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में समाज के लोगों को दिल्ली पहुंचाने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि यह रैली समाज की एकता, सामाजिक चेतना और संगठनात्मक शक्ति का व्यापक संदेश देने का अवसर होगी। इसके लिए गांव-गांव और क्षेत्रवार संपर्क अभियान चलाकर समाज के लोगों को रैली से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का संदेश
बैठक में ग्वालियर विधायक साहब सिंह गुर्जर, मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर, दतिया विधायक घनश्याम सिंह, राकेश कसाना, राम बहादुर सिंह, पंजाब सिंह, अवतार सिंह, कैप्टन हेबरन सिंह, देवेंद्र गुर्जर, मेहताब सिंह, सत्येंद्र घुरैया, प्रमोद सिंह, हीरा गुर्जर, प्रद्युमन सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में वक्ताओं ने समाज को शिक्षा, संगठन, व्यवसाय और सामाजिक भाईचारे के माध्यम से मजबूत बनाने का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षित, संगठित और एकजुट समाज ही अपने अधिकारों की प्रभावी आवाज बन सकता है और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकता है।
ग्वालियर में आयोजित इस बैठक में जिस तरह 29 अक्टूबर की रैली को लेकर समाज के लोगों ने एकजुट होकर संकल्प व्यक्त किया, उससे साफ है कि आगामी गुर्जर स्वाभिमान रैली को लेकर समाज में व्यापक उत्साह और सक्रियता देखने को मिल रही है।।
