गौतमबुद्धनगर: फर्जी लोन सैंक्शन लेटर भेजकर लाखों की साइबर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार; 3.40 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा!!
दो टूक//नोएडा। पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर लोगों को फर्जी लोन सैंक्शन लेटर भेजकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने वाले साइबर गैंग के खिलाफ नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल विश्लेषण, सर्विलांस और गोपनीय सूचना के आधार पर गैंग के दो वांछित साइबर अपराधियों को खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों को किराये पर उपलब्ध कराते थे।
पुलिस के मुताबिक, थाना साइबर क्राइम नोएडा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 145/2025 में वांछित चल रहे तुषार (21) और सुमित कुमार (21) को 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी RuLoans कंपनी से प्राप्त डाटा का दुरुपयोग कर लोन की जरूरत वाले लोगों को निशाना बनाते थे। आरोपियों द्वारा लोगों को पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर फर्जी लोन सैंक्शन लेटर भेजे जाते थे और इसके बाद प्रोसेसिंग फीस सहित अन्य शुल्क के नाम पर रकम की ठगी की जाती थी।
10 प्रतिशत कमीशन पर उपलब्ध कराते थे बैंक खाते
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते और अन्य म्यूल (MULE) बैंक खाते 10 प्रतिशत कमीशन पर उपलब्ध कराते थे। ठगी से हासिल रकम इन खातों में आने के बाद आरोपी अपना कमीशन काट लेते थे और बाकी धनराशि साइबर अपराधियों को वापस उपलब्ध करा देते थे।
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी तुषार के बैंक खाते में 1.20 लाख रुपये, जबकि सुमित के बैंक खाते में 2.20 लाख रुपये साइबर ठगी से संबंधित रकम के रूप में प्राप्त होना सामने आया है। दोनों खातों में कुल 3.40 लाख रुपये का लेन-देन पाया गया है। इन बैंक खातों के संबंध में विभिन्न राज्यों के एनसीआरपी पोर्टल पर महाराष्ट्र और तमिलनाडु से दो शिकायतें भी दर्ज मिली हैं।
पहले भी दो आरोपी जा चुके हैं जेल
पुलिस के अनुसार, इसी मामले में गैंग के दो अन्य आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर 15 दिसंबर 2025 को जेल भेजा जा चुका है। अब दो और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गैंग के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार पुत्र कपिल देव निवासी खोड़ा कॉलोनी, थाना खोड़ा, गाजियाबाद और सुमित कुमार पुत्र रामेश्वर प्रसाद निवासी खोड़ा कॉलोनी, थाना खोड़ा, गाजियाबाद, दोनों उम्र 21 वर्ष के रूप में हुई है।
गैंग के डिजिटल नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, वेबसाइटों, डिजिटल नेटवर्क और आरोपियों के अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी लोन के नाम पर कितने लोगों को निशाना बनाया गया और ठगी की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई।
पुलिस की साइबर एडवाइजरी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के लोन ऑफर, निवेश प्रस्ताव या ऑनलाइन भुगतान संबंधी दावे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें अथवा National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, नारकोटिक्स, आयकर विभाग या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन पर डराता है और गिरफ्तारी की धमकी देता है, तो घबराने के बजाय तत्काल पुलिस या साइबर क्राइम थाना से संपर्क करें।
इसके साथ ही पुलिस ने लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, व्हाट्सऐप या कॉल पर मिलने वाले फर्जी निवेश ऑफर से बचने तथा किसी अनजान व्यक्ति के साथ आधार, पैन कार्ड, बैंक खाते अथवा अन्य संवेदनशील दस्तावेजों की जानकारी साझा न करने की सलाह दी है।।
