गुरुवार, 3 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल टेक्सटाइल हब, ‘यू.पी. टेक्स 2026’ से निवेश और निर्यात को मिलेगी नई उड़ान!!

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उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल टेक्सटाइल हब, ‘यू.पी. टेक्स 2026’ से निवेश और निर्यात को मिलेगी नई उड़ान!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा में ‘यू.पी. टेक्स 2026’ का कर्टेन रेजर एवं रोड शो सम्पन्न, वस्त्र उद्योग के दिग्गजों ने साझा किए अनुभव

मंत्री राकेश सचान बोले—टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा ‘यू.पी. टेक्स 2026’

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 3 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से 8 और 9 सितंबर को लखनऊ में आयोजित होने वाले ‘यू.पी. टेक्स 2026’ से पहले नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन भवन, सेक्टर-6 में कर्टेन रेजर एवं रोड शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नोएडा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया और निवेश, नवाचार, उत्पादन तथा निर्यात की संभावनाओं पर विस्तार से मंथन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग एवं हथकरघा विभाग के मंत्री राकेश सचान, प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर, मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, परिक्षेत्रीय सहायक आयुक्त (हथकरघा) पश्चिमी क्षेत्र मेरठ/सहारनपुर मंडल अरविंद कुमार सिंह, एनएईसी अध्यक्ष ललित ठुकराल, एनएईसी उपाध्यक्ष नीरज प्रकाश तथा आईआईए उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश के लिए यूपी में तैयार हो रहा बेहतर माहौल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। ‘यू.पी. टेक्स 2026’ प्रदेश की टेक्सटाइल क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के उद्यमियों, निवेशकों और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर नए कारोबारी अवसरों को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल एवं परिधान उद्योग के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। ‘यू.पी. टेक्स 2026’ के माध्यम से इन संभावनाओं को निवेश और रोजगार के अवसरों में बदलने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। इससे प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति मिलने के साथ-साथ उद्योग जगत के लिए नए बाजार और संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

उद्योग जगत की भागीदारी से मजबूत होगा टेक्सटाइल सेक्टर

प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने उद्योग जगत की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, टेक्सटाइल क्षेत्र की संभावनाओं तथा ‘यू.पी. टेक्स 2026’ की रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।

एनएईसी अध्यक्ष ललित ठुकराल ने परिधान, निर्यात और वस्त्र उद्योग के विकास की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल एवं अपैरल उद्योग के विस्तार की मजबूत संभावनाएं मौजूद हैं।

आईआईए के उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने अपैरल उद्योग के क्षेत्र में नोएडा की उपयोगिता और संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां उपलब्ध औद्योगिक आधार, कुशल मानव संसाधन और बाजार तक आसान पहुंच इस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है।

होम फर्निशिंग और स्टार्टअप सेक्टर पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में एसएसजी फर्निशिंग्स लिमिटेड, नोएडा के निदेशक चंद्रभूषण मिश्रा ने होमटेक एवं आईएफआर फैब्रिक और उसके विभिन्न उपयोगों के बारे में जानकारी साझा की। वहीं एलीट होम डेकोर के निदेशक अवनीश गौतम ने स्टार्टअप के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं तथा भारतीय होम फर्निशिंग उत्पादों की वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग पर चर्चा की।

कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों ने टेक्सटाइल उद्योग के सामने मौजूद चुनौतियों, निवेश की संभावनाओं, निर्यात बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

‘यू.पी. टेक्स 2026’ में भागीदारी का आह्वान

कार्यक्रम के संयोजक एवं सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, मेरठ/सहारनपुर मंडल अरविंद कुमार सिंह ने सभी उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें 8 एवं 9 सितंबर को लखनऊ में आयोजित होने वाले ‘यू.पी. टेक्स 2026’ में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

उद्यमियों की सुविधा के लिए कार्यक्रम स्थल पर विभाग की ओर से पंजीकरण के लिए अलग काउंटर भी लगाया गया। यहां उद्यमियों को विभागीय योजनाओं, निवेश के अवसरों और निर्यात संवर्धन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम के दौरान नई टेक्सटाइल पॉलिसी-2027 को लेकर भी चर्चा हुई। उद्यमियों ने उम्मीद जताई कि नई नीति से प्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान उद्योग के लिए निवेश का माहौल और मजबूत होगा तथा रोजगार एवं निर्यात के नए अवसर पैदा होंगे।

कुल मिलाकर नोएडा में आयोजित ‘यू.पी. टेक्स 2026’ का कर्टेन रेजर कार्यक्रम प्रदेश के टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।