रविवार, 6 सितंबर 2026

लखनऊ : 18 साल से सड़क का इंतजार, गड्ढों में तब्दील रास्ते और अंधेरे में जिंदगी,बाशिंदों का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार।।Lucknow: After 18 years of waiting for a road, roads filled with potholes and life in darkness,Residents' anger erupted and they appealed to the Chief Minister.||

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लखनऊ : 
18 साल से सड़क का इंतजार, गड्ढों में तब्दील रास्ते और अंधेरे में जिंदगी,
बाशिंदों का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार।।
दो टूक : राजधानी में विकास की तस्वीर दिखाने वाले जिम्मेदारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर एक कॉलोनी के बाशिंदे 18 साल से सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं, तो आखिर विकास के दावों की जमीनी हकीकत क्या है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेंगे?
विस्तार :
राजधानी लखनऊ की पॉश कही जाने वाली वृन्दावन योजना में विकास के दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो गए हैं। सेक्टर-2A के कॉलोनीवासियों का आरोप है कि पिछले करीब 18 वर्षों से सड़क निर्माण नहीं हुआ, जिसके चलते कॉलोनी की सड़कें जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। हालात यह हैं कि आए दिन लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या मुसीबत को और बढ़ा देती है।
रविवार को कॉलोनीवासियों ने एकजुट होकर क्षेत्र की समस्याओं का जायजा लिया और मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान लोगों ने सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई।
गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे?
कॉलोनीवासियों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण नहीं होने के कारण पूरे इलाके की सड़कें बदहाल हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन सवारों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर जाता है। इससे आवागमन मुश्किल होने के साथ ही सड़कें और ज्यादा खराब होती जा रही हैं।
स्ट्रीट लाइट खराब, अंधेरे में कॉलोनी।
कॉलोनीवासियों ने स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई स्ट्रीट लाइट सालों से खराब पड़ी हैं और शिकायतों के बावजूद इन्हें दुरुस्त नहीं कराया जाता। गड्ढों से भरी सड़कों पर अंधेरा होने के कारण रात में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर संबंधित अधिकारी समस्या के समाधान के बजाय एक-दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप।
कॉलोनीवासियों ने सफाई व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कूड़ा उठाने और सफाई के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जा रही है, जिसके चलते इलाके में गंदगी बनी रहती है। गंदगी और अव्यवस्था के बीच आवारा पशुओं का आतंक भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
खासकर बुजुर्गों के लिए घर से निकलकर टहलना तक मुश्किल हो गया है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग।
कॉलोनीवासियों ने अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर संबंधित विभागों को निर्देशित करने और सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट तथा सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि नगर विकास मंत्री, क्षेत्रीय विधायक सरोजनीनगर, महापौर लखनऊ और स्थानीय पार्षद को भी भेजी गई है।