गौतमबुद्धनगर: 14 सितंबर को तीनों प्राधिकरणों पर किसानों का बड़ा आंदोलन, राकेश टिकैत की मौजूदगी में उठेगा हक की आवाज!!
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर भाकियू ने कसी कमर, अशोक भाटी बोले- समाधान होने तक जारी रहेगा संघर्ष
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 6 सितंबर 2026। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर गौतमबुद्ध नगर में किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर 14 सितंबर को बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण से जुड़ी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर होने वाली किसान पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी मौजूद रहेंगे। आंदोलन को लेकर भाकियू पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसी क्रम में रविवार को भाकियू कार्यालय पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर 14 सितंबर के आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता यादराम नेताजी ने की, जबकि संचालन नवीन कसाना ने किया। बैठक में किसानों की समस्याओं के साथ-साथ पंचायत को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में भाकियू नोएडा जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, समन्वय समिति जिलाध्यक्ष राजीव मलिक, दादरी जिलाध्यक्ष मनोज मावी, सिंह राज गुर्जर, अनिल खारी सहित संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि तीनों प्राधिकरणों के अधीन आने वाले गांवों में किसानों से जुड़ी अनेक समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और लगातार मांग उठाए जाने के बावजूद उनका अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है।
किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने में सक्रिय हैं अशोक भाटी
भाकियू नोएडा जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर संगठन लगातार संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि नोएडा प्राधिकरण सहित तीनों प्राधिकरणों के स्तर पर किसानों की समस्याओं को कई बार पंचायतों और आंदोलनों के माध्यम से उठाया गया, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। ऐसे में 14 सितंबर की किसान पंचायत को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
अशोक भाटी ने कहा कि किसान केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समयबद्ध और ठोस समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर को होने वाली पंचायत में किसानों की वर्षों पुरानी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और आंदोलन को मजबूत दिशा दी जाएगी। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में पंचायत में पहुंचने का आह्वान किया।
तीनों प्राधिकरणों से जुड़ी प्रमुख मांगें
भाकियू की ओर से पंचायत में गांवों के अभिलेखों से नोएडा प्राधिकरण की प्रविष्टि हटाने, सलारपुर सहित सभी गांवों में गंगाजल की आपूर्ति कराने, किसानों के लंबित 5 और 10 प्रतिशत भूखंडों का आवंटन करने तथा आबादी के मामलों का निस्तारण 'जहां है, जैसी है' के आधार पर करने की मांग उठाई जाएगी।
इसके अलावा पीपी एक्ट के पुराने मुकदमों को वापस लेने, वर्ष 1976 के पात्र किसानों को प्लॉट देने और स्थानीय युवाओं को कंपनियों एवं वेंडिंग जोन में रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी पंचायत में प्रमुखता से रखी जाएगी। किसानों के बच्चों को निजी स्कूलों में फीस में रियायत तथा निजी अस्पतालों में निःशुल्क ओपीडी और रियायती इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।
गांवों के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर भी रहेगा जोर
किसान पंचायत में गांवों के शहरी तर्ज पर विकास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। किसानों की मांग है कि गांवों में बेहतर सड़क, सीवर, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क, खेल मैदान और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके साथ ही गांवों के सौंदर्यीकरण के लिए प्रवेश द्वार बनाए जाने, जरूरत वाले स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कराने, सभी गांवों में IGL गैस पाइपलाइन पहुंचाने तथा नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत भूमि अधिग्रहण की मांग भी रखी जाएगी। विद्युत विभाग में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग को भी पंचायत में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
भाकियू पदाधिकारियों का कहना है कि 14 सितंबर की किसान पंचायत के माध्यम से तीनों प्राधिकरणों से जुड़े किसानों की समस्याओं को एक मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा। संगठन ने पंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव संपर्क और जनसमर्थन जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बैठक में अनित भाटी, राजवीर भाटी, श्री पहलवान, मनवीर भाटी, चमन भाटी, विकास भाटी, रमेश फौजी, मानित नागर, अनूप नागर, अभिषेक कसाना, कमलजीत खारी, कर्मवीर मावी और विनोद अधाना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।।
