गौतमबुद्धनगर: करोड़ों की लागत से बने नोएडा एलिवेटेड रोड में 10 फीट गहरी दरार, धंसी सड़क ने खोली निर्माण की गुणवत्ता की पोल!!
दो टूक//नोएडा। शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल सेक्टर-61 से सेक्टर-18 के बीच बने एलिवेटेड रोड पर सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक करीब 10 फीट तक धंस जाने से हड़कंप मच गया। जिस एलिवेटेड रोड से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, वहां इस तरह सड़क धंसने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई तेज रफ्तार वाहन धंसे हुए हिस्से की चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
सड़क धंसने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सूचना मिलते ही नोएडा प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और एहतियातन प्रभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को नियंत्रित किया। सड़क पर अचानक यातायात रोके जाने से एलिवेटेड रोड पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके की तस्वीरें सामने आने के बाद धंसे हुए हिस्से की गहराई और स्थिति ने लोगों को हैरान कर दिया। देखने में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मजबूत कंक्रीट की सतह के नीचे का हिस्सा खोखला हो गया था, जिसके चलते सड़क का बड़ा भाग नीचे बैठ गया। हालांकि सड़क धंसने के वास्तविक कारणों का पता तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण मार्ग पर इतनी गंभीर स्थिति आखिर कैसे पैदा हुई? क्या सड़क के नीचे मिट्टी का पर्याप्त और मानकों के अनुरूप भराव नहीं किया गया था, या फिर जलभराव, लीकेज अथवा किसी अन्य तकनीकी खामी के कारण जमीन के नीचे का हिस्सा कमजोर हुआ? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गड्ढे को भरकर और ऊपर से सड़क की मरम्मत कर देना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। जिस हिस्से में सड़क धंसी है, उसकी गहराई से तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाना जरूरी है कि नीचे की संरचना कितनी सुरक्षित है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, निर्माण की गुणवत्ता की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
एलिवेटेड रोड नोएडा के महत्वपूर्ण यातायात मार्गों में शामिल है और इस पर दिन-रात बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। ऐसे में सड़क के अचानक धंसने की घटना ने भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी तकनीकी खामियों की पहचान कर उन्हें दूर नहीं किया गया तो किसी दिन छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
फिलहाल प्राधिकरण की टीम मौके पर स्थिति को सामान्य करने और प्रभावित हिस्से की मरम्मत की दिशा में काम कर रही है। लेकिन असली चुनौती सिर्फ सड़क को दोबारा समतल करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जिस वजह से सड़क धंसी, वह समस्या जड़ से खत्म हुई है या नहीं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्राधिकरण इस घटना की तकनीकी जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या मामला महज गड्ढा भरने तक ही सीमित रह जाता है।
