रविवार, 13 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय लोक अदालत में 10.08 लाख मामलों का निस्तारण, करोड़ों रुपये की समझौता राशि पर बनी सहमति!!

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गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय लोक अदालत में 10.08 लाख मामलों का निस्तारण, करोड़ों रुपये की समझौता राशि पर बनी सहमति!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्धनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित लोक अदालत की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश गौतमबुद्धनगर अतुल श्रीवास्तव ने की। जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 10,08,279 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों द्वारा 76,954 वाद, जिलाधिकारी के अधीनस्थ विभागों द्वारा 4,76,181 मामले, पुलिस विभाग द्वारा 32,089 मामले तथा यातायात विभाग द्वारा 4,00,263 मामलों का निस्तारण शामिल है।

इसके अलावा चिकित्सा विभाग द्वारा 1,00,045, यूपीपीसीएल द्वारा 5,931, श्रम न्यायालय द्वारा 1,102, नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा 5,160, बीएसएनएल द्वारा 51, एनपीसीएल द्वारा 35 तथा फाइनेंस कंपनी से जुड़े 6 मामलों का निस्तारण किया गया। कमर्शियल कोर्ट एक्ट के तहत प्री-लिटिगेशन के 221 मामलों का भी समाधान किया गया।

न्यायालयों में 76,954 वादों का निस्तारण

जनपद स्थित न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 76,954 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें विभिन्न न्यायालयों में आपसी समझौते, जुर्माने और अन्य विधिक प्रक्रिया के माध्यम से मामलों का समाधान किया गया। न्यायिक अधिकारियों द्वारा निस्तारित मामलों में कुल 16,06,44,918 रुपये की समझौता धनराशि दर्ज की गई।

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में भी महत्वपूर्ण संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ। वहीं वाणिज्य न्यायालय, परिवार न्यायालय, पोक्सो न्यायालय, एनआई एक्ट से जुड़े मामलों, उपभोक्ता विवादों और अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में वादों का समाधान किया गया।

विशेष न्यायाधीश एनआई एक्ट न्यायालय द्वारा 30 वादों का निस्तारण करते हुए 1.24 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता धनराशि दर्ज की गई। जिला उपभोक्ता न्यायालय में 43 मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें 2.60 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता धनराशि रही। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में 43 वादों के निस्तारण के साथ 4.40 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता धनराशि दर्ज की गई।

विभागों ने भी बड़ी संख्या में मामलों का किया समाधान

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। बैंक से जुड़े 245 मामलों में 3.61 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई। एनपीसीएल के 35 मामलों में 4.85 लाख रुपये की समझौता धनराशि रही, जबकि बीएसएनएल के 51 मामलों में 1.52 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई।

लोक अदालत में बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण होने से लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली। अधिकारियों के मुताबिक लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित एवं सरल समाधान उपलब्ध कराना है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का एक ही दिन में समाधान हुआ, जिससे न्यायिक व्यवस्था पर लंबित मामलों का दबाव कम करने के साथ-साथ आमजन को भी त्वरित न्याय और राहत मिली।।