मंगलवार, 15 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: आश्वासन नहीं, अब चाहिए समाधान: यमुना प्राधिकरण पर दूसरे दिन भी डटे रहे सैकड़ों किसान, 10% प्लॉट और 64.7% मुआवजे की मांग!!

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गौतमबुद्धनगर: आश्वासन नहीं, अब चाहिए समाधान: यमुना प्राधिकरण पर दूसरे दिन भी डटे रहे सैकड़ों किसान, 10% प्लॉट और 64.7% मुआवजे की मांग!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//ग्रेटर नोएडा/यमुना प्राधिकरण, 15 सितंबर 2026। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर चल रहे इस आंदोलन में सैकड़ों किसान शामिल हुए। धरना स्थल पर युवा और बुजुर्ग किसानों की बड़ी मौजूदगी रही। किसानों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से अब आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि मांगों पर ठोस निर्णय होने के बाद ही धरना खत्म किया जाएगा।

धरने की अध्यक्षता बिसंबर बाबूजी ने की, जबकि संचालन राजीव मलिक ने किया। पंचायत को राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर संबोधित किया गया। इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि लंबे समय से किसानों की कई महत्वपूर्ण मांगें प्राधिकरण और शासन स्तर पर लंबित हैं। किसानों को बार-बार आश्वासन तो दिया गया, लेकिन समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

भाकियू ने भूमि अधिग्रहण के एवज में किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूखंड देने की मांग की। इसके साथ ही आबादी के निस्तारण और लंबित लीज बैक मामलों का तत्काल समाधान करने की मांग उठाई गई। किसानों ने बढ़ी हुई दर से 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने और किसानों के बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी।

किसान नेताओं ने कहा कि पिछले करीब 12 वर्षों से सर्किल रेट में उचित बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में किसानों की जमीन का मुआवजा मौजूदा बाजार दर के अनुरूप तय किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसानों ने वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग भी उठाई।

भाकियू के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से किसानों को लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

पवन खटाना ने कहा कि यदि किसानों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना—तीनों प्राधिकरणों के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

धरने के दूसरे दिन भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने भी किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। समर्थन मिलने के बाद धरना स्थल पर किसानों का उत्साह और बढ़ा। किसान नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के अधिकार, उचित मुआवजे, रोजगार और आबादी से जुड़े लंबित मामलों के समाधान की लड़ाई है।

धरने में मथुरा जिला अध्यक्ष मीरा सिंह, आशु शर्मा, आगरा मंडल अध्यक्ष युवा विपिन यादव, मटरू नागर, अजीत अधाना, बलजीत नागर, राजे प्रधान, रॉबिन नागर, भगत सिंह प्रधान, प्रकाश फौजी, राकेश खाजपुर, बेली भाटी, गुलाब, ललित चौहान, लाला यादव, अमित डैढ़ा, विकास भाटी, राकेश नंबरदार, जगत प्रधान, संजू, अमित जैलदार, नागेश, सुवे राम, मास्टर अनित कसाना, अरविंद लोहिया, अजय भाटी, अविनाश तंवर, अनिल, सुरेश सिंह, साजिद, उदयवीर, योगेश शर्मा, नरेश चौहान, ताराचंद, जयकरण, वीरपाल, देवी राम मास्टर, नरेंद्र कसाना, मोहित कसाना, रविंद्र नागर, बिजेंद्र, श्यामवीर, प्रताप नागर, आनंद चौधरी, प्रवीण शर्मा, नितीश राणा, श्याम सिंह, राजेश हरि, प्रवीण चौधरी, विनोद राजपूत, जैसलमेर त्यागी, अर्जुन सिंह, गोपाल शर्मा, महेश चंद शर्मा, नूर हसन, रविंद्र कुमार, राहुल भाटी, जितेंद्र बैरागी, गौरव बैरागी, जितें गुर्जर, सोनू कसाना, अमित भाटी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि जब तक मांगों पर शासन और प्राधिकरण स्तर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसानों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जा सकता है।।