लखनऊ :
अंसल एपीआई पर रकम लेने के बाद भी निर्माण अधूरा रहने का आरोप,केस दर्ज।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (अंसल एपीआई) पर एक आवंटी से लाखों रुपये लेने के बावजूद आवंटित यूनिट का कब्जा नहीं देने और रकम के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है। मामले में इंदिरानगर निवासी चन्द्रभान सिंह एवं रेखा दिवाकर ने थाना सुशांत गोल्फ सिटी में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराया।।
विस्तार :
पीडित की तहरीर के मुताबिक वर्ष 2012 में अंसल एपीआई की ओर से चन्द्रभान सिंह के पक्ष में यूनिट संख्या Q/02/380 आवंटित की गई थी। आरोप है कि कंपनी के अधिकारी प्रणव अंसल और उनके सहयोगियों ने आवंटी को भरोसा दिलाया था कि वर्ष 2015 तक यूनिट का निर्माण पूरा कर कब्जा दे दिया जाएगा और रजिस्ट्री भी करा दी जाएगी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस भरोसे के आधार पर कंपनी ने अलग-अलग तिथियों में उनसे कुल 17,76,064.70 रुपये प्राप्त किए, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद यूनिट का निर्माण पूरा नहीं किया गया और न ही उन्हें कब्जा दिया गया।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी के अधिकारी प्रणव अंसल ने कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर आवंटी से प्राप्त रकम का उपयोग संबंधित यूनिट में करने के बजाय कहीं अन्य कर लिया। शिकायतकर्ता ने इसे आपराधिक न्यासभंग बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप है कि पुराने आवंटियों को लगातार टालने के साथ ही दूसरी ओर तैयार संपत्तियों को कथित तौर पर जालसाजी के जरिए ऊंची कीमत पर प्रभावशाली लोगों को बेचा गया। इससे पुराने आवंटियों के हित प्रभावित होने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को एग्रीमेंट की प्रति, यूनिट स्थानांतरण संबंधी दस्तावेज और भुगतान की स्लिप समेत अन्य अभिलेख उपलब्ध कराए हैं। तहरीर में संबंधित लोगों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
दो टूक मीडिया की पड़ताल में आगे यह महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में 17.76 लाख रुपये के भुगतान, यूनिट की वर्तमान स्थिति, कंपनी की ओर से किए गए वादों और रकम के कथित उपयोग के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।
