लखनऊ:
सीमावर्ती गांवों के बच्चों ने देखा भारत का गौरव,‘राष्ट्रीय एकता दौरा’ संपन्न।
दो टूक : भारतीय सेना की ‘सद्भावना’ पहल के तहत कुमाऊं क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों के बच्चों के लिए आयोजित पहला ‘राष्ट्रीय एकता दौरा’ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 15 से 28 अगस्त तक चले इस 15 दिवसीय दौरे में सीमावर्ती इलाकों के 20 छात्र और दो शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान बच्चों को देश की सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक संस्थाओं, सैन्य परंपराओं और तकनीकी प्रगति को करीब से जानने का अवसर मिला।
दौरे की शुरुआत पिथौरागढ़ में पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर गौतम पठानिया ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए की। उन्होंने छात्रों को इस अनूठे शैक्षिक और प्रेरणादायी अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
यात्रा के दौरान छात्रों ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, लाल किला सहित कई ऐतिहासिक स्मारकों और संग्रहालयों का भ्रमण किया। नेहरू तारामंडल की यात्रा के दौरान छात्रों ने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में देश की प्रगति को भी समझा।
उत्तराखंड में छात्रों ने राज्यपाल से मुलाकात की। इसके अलावा इंडियन मिलिट्री एकेडमी, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, देहरादून का दौरा कर शिक्षा, नेतृत्व, अनुशासन, अनुसंधान और भारतीय सशस्त्र बलों की कार्य-संस्कृति के बारे में जानकारी हासिल की।
बरेली होते हुए लखनऊ पहुंचे दल का हेडक्वार्टर सूर्या कमांड में स्वागत किया गया। यहां छात्रों को सेना की कार्यप्रणाली और सैन्य जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसके बाद दल को मुनस्यारी के लिए रवाना किया गया, जहां पहुंचने के साथ ही यह राष्ट्रीय एकता दौरा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सेना की ‘सद्भावना’ पहल के तहत आयोजित इस यात्रा ने सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चों को देश की विविधता, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका को करीब से समझने का अवसर दिया।
