लखनऊ :
खुले नाले में समाई कार,बुजुर्ग,महिला और मासूम की बाल-बाल बची जान।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ नगर निगम की कथित लापरवाही ने बृहस्पतिवार दोपहर आशियाना क्षेत्र में एक बड़े हादसे का रूप ले लिया। किला मोहम्मदी के पास खुला पड़ा नाला उस समय काल बन गया, जब एक कार अनियंत्रित होकर सीधे नाले में जा गिरी। कार में 71 वर्षीय बुजुर्ग, एक महिला, दो साल का मासूम और केयरटेकर सवार थे। गनीमत रही कि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
विस्तार :
आशियाना क्षेत्र किला मोहम्मदी में बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। कार के नाले में गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही आशियाना पुलिस और आलमबाग फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची।
फायरकर्मियों ने हाइड्रोलिक वैन और क्रेन की मदद से करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद कार को नाले से बाहर निकाला। राहत की बात रही कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
◆बेटी के घर से जा रहे थे बुजुर्ग।।
थाना तालकटोरा क्षेत्र राजाजीपुरम एफ-ब्लॉक निवासी दीपक कुमार (71) के मुताबिक उनकी बेटी आशिमा आशियाना सेक्टर-आई में रहती हैं और अपोलो अस्पताल में कार्यरत हैं। बृहस्पतिवार को वह बेटी के घर गए थे। वहां से अपनी कार UP 32 KB 7699 से दो वर्षीय नाती अनहद और केयरटेकर रेखा के साथ वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान किला मोहम्मदी के पास अचानक कार अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते खुले नाले में जा गिरी। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
●खुले नाले ने खोली नगर निगम की व्यवस्था की पोल।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि खुले नालों को बांस-बल्लियों से ढकने की व्यवस्था के बावजूद हादसे वाली जगह पर न तो कोई अस्थायी बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी संकेतक।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो कार नाले में गिरने की नौबत ही नहीं आती। खुला नाला सिर्फ एक कार के लिए खतरा नहीं, बल्कि यहां से गुजरने वाले हर राहगीर और वाहन चालक की जान पर मंडराता खतरा है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी की जान जाने के बाद ही नगर निगम की नींद टूटेगी, या खुले नालों को हादसे का सबब बनने से पहले सुरक्षित किया जाएगा?
