गुरुवार, 13 अगस्त 2026

लखनऊ : न्यू गुडौरा में बिजली व्यवस्था ध्वस्त,उमश भरी गर्मी में अंधेरे में तड़पती रही जनता।।||Lucknow: The power system in New Gudaura collapsed, leaving residents suffering in the darkness during the sweltering heat.||

शेयर करें:
लखनऊ : 
न्यू गुडौरा में बिजली व्यवस्था ध्वस्त,उमश भरी गर्मी में अंधेरे में तड़पती रही जनता।।
।।जे.बी. सिंह ।। 
दो टूक : राजधानी लखनऊ - कानपुर रोड स्थित न्यू गुडौरा मानसरोवर योजना, एलडीए कॉलोनी में बिजली व्यवस्था की बदहाली ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बीती रात बिजली गुल होने के बाद पूरी रात पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा, जबकि गुरुवार सुबह तक भी आपूर्ति बहाल होने के बाद बिजली की आंख-मिचौली जारी रही।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में बिजली का तार जलकर टूट गया था। शिकायत के बावजूद फाल्ट को समय रहते दुरुस्त नहीं किया जा सका। हालात से परेशान क्षेत्रवासी गुरुवार सुबह खुद मौके पर पहुंच गए और बिजली का तार जुड़वाने के लिए कर्मचारियों का इंतजार करते रहे। करीब सुबह आठ बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में फिर ट्रिपिंग का सिलसिला शुरू हो गया।
अधिकारी फोन नहीं उठाते, जनता फाल्ट से जूझती रही
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बिजली संबंधी शिकायतों के लिए जिम्मेदार जेई और एसडीओ समेत संबंधित अधिकारियों को फोन करने पर कई बार कॉल रिसीव नहीं होती। दूसरी ओर विद्युत कर्मचारियों द्वारा स्टाफ की कमी और क्षेत्र में बढ़े अतिरिक्त लोड को फाल्ट दूर करने में देरी की वजह बताया जा रहा है।
रातभर बिजली न होने और सुबह लगातार ट्रिपिंग से बच्चों, बुजुर्गों, दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली की समस्या कोई नई बात नहीं है। आए दिन फाल्ट, तार टूटने और बार-बार बिजली आने-जाने से उपभोक्ता लंबे समय से परेशान हैं।
◆स्थायी समाधान की मांग।
क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों ने विद्युत व्यवस्था की जांच, पर्याप्त स्टाफ की तैनाती, अतिरिक्त लोड की समस्या दूर करने और बार-बार होने वाले फाल्ट का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब बिजली व्यवस्था को लेकर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो विभाग कब जागेगा और न्यू गुडौरा मानसरोवर योजना के लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति कब मिलेगी?