गोण्डा :
बाढ़ पर प्रशासन अलर्ट, राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी।
।।संवाददाता वीरेन्द्र कुमार।।
दो टूक : गोण्डा जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, राहत किट और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार लंच पैकेट, राहत किट, छाता, टॉर्च और मच्छरदानी समेत अन्य जरूरी सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। साथ ही राहत चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
बाढ़ क्षेत्रों में तैनात लेखपालों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। नदी कटान से प्रभावित किसानों को नियमानुसार कटान राहत सहायता भी प्रदान की जा रही है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों की जरूरतों का लगातार आकलन कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर दवाओं का वितरण कर रही हैं और ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी दे रही हैं। वहीं पशुधन की सुरक्षा के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भूसा वितरण कराया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को चारे की समस्या न हो आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए प्रशासन द्वारा मॉक ड्रिल भी कराई गई। इसके जरिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित राहत-बचाव कार्य की क्षमता का परीक्षण किया गया बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों से तत्काल सूचना प्राप्त करने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला आपदा विशेषज्ञ, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और बाढ़ खंड के अधिकारी लगातार क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाओं के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए राहत कार्य लगातार जारी रहेंगे।
