शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: मंगरौली में स्वरोजगार की राह दिखाने वाला जागरूकता कार्यक्रम, माटीकला सहित ग्रामोद्योग योजनाओं की दी गई जानकारी!!

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गौतमबुद्धनगर: मंगरौली में स्वरोजगार की राह दिखाने वाला जागरूकता कार्यक्रम, माटीकला सहित ग्रामोद्योग योजनाओं की दी गई जानकारी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

जेवर/गौतमबुद्धनगर, 21 अगस्त 2026। ग्राम पंचायत मंगरौली, विकास खण्ड जेवर में जिला ग्रामोद्योग विभाग की ओर से एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी योजनाओं, ऋण सुविधाओं, अनुदान तथा स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गौतमबुद्धनगर ज्योति रानी, प्रबंधक पारस भाटिया, अनुदेशक मनोज कुमार, राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के जिला महासचिव गौतमबुद्धनगर देवेन्द्र सिंह प्रजापति सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ज्योति रानी ने खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड एवं माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को ऋण, अनुदान एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर युवा एवं ग्रामीण अपने स्तर पर स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं।

अनुदेशक मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना एवं निःशुल्क टूल किट वितरण योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की प्रक्रिया और उनके लाभों से अवगत कराया। वहीं, प्रबंधक पारस भाटिया ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, निःशुल्क टूल किट वितरण योजना तथा मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में माटीकला रोजगार योजना से लाभान्वित उद्यमी एवं राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के जिला महासचिव देवेन्द्र सिंह प्रजापति ने अपने अनुभव साझा करते हुए ग्रामीणों को माटीकला उद्योग की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मिट्टी से पारंपरिक बर्तनों के साथ-साथ आधुनिक मांग के अनुरूप विभिन्न प्रकार के नए और उपयोगी उत्पाद तैयार कर माटीकला को रोजगार एवं आय का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है।

देवेन्द्र सिंह प्रजापति ने माटीकला उद्योग को सफलतापूर्वक संचालित करने के अपने अनुभव साझा करते हुए उपस्थित लोगों को इस क्षेत्र में स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाकर ग्रामीण युवा एवं कारीगर अपनी पारंपरिक कला को व्यवसाय का रूप देते हुए आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं उद्यमियों ने ग्रामोद्योग से संबंधित योजनाओं को लेकर जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की। कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक पारस भाटिया ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। जागरूकता कार्यक्रम का समापन ग्रामीणों को स्वरोजगार एवं ग्रामोद्योग के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने के संदेश के साथ हुआ।।