मंगलवार, 11 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: दिव्यांग बच्चों ने कांवड़ियों का किया भावपूर्ण स्वागत, हाथों से बने उपहार देकर दिया सेवा और संस्कार का संदेश!!

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गौतमबुद्धनगर: दिव्यांग बच्चों ने कांवड़ियों का किया भावपूर्ण स्वागत, हाथों से बने उपहार देकर दिया सेवा और संस्कार का संदेश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

सेक्टर-73 में फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन का अनूठा आयोजन, 201 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा कर रहे बॉबी यादव से बच्चों ने जाना भोलेनाथ की भक्ति का महत्व

दो टूक//नोएडा, 10 अगस्त 2026। सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर नोएडा के सेक्टर-73 में फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के विशेष बच्चों ने कांवड़ियों का स्वागत कर श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल पेश की। कांवड़ यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात का यह अनुभव बच्चों के लिए बेहद खास और भावुक कर देने वाला रहा। जिन कांवड़ियों को बच्चे अब तक अक्सर टीवी या तस्वीरों में देखते आए थे, उन्हें सामने देखकर बातचीत करने और उनका सम्मान करने का अवसर पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

कार्यक्रम के दौरान विशेष बच्चों की मुलाकात 201 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा कर रहे बॉबी यादव सहित अन्य कांवड़ यात्रियों से हुई। कांवड़ियों ने बच्चों के साथ आत्मीयता से संवाद करते हुए उन्हें कांवड़ यात्रा की परंपरा, सावन के धार्मिक महत्व और भगवान भोलेनाथ की भक्ति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, समर्पण और संकल्प का भी प्रतीक है। कांवड़ियों की बातें सुनकर बच्चे बेहद उत्साहित और मंत्रमुग्ध नजर आए।

बच्चों ने अपने हाथों से तैयार किए उपहार

इस अवसर पर फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के बच्चों ने कांवड़ियों के सम्मान में अपने हाथों से तैयार किए गए हैंडवॉश, सम्मान पत्र और भगवान महादेव की मिट्टी से बनाई गई कलाकृतियां भेंट कीं। बच्चों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। इस पहल के माध्यम से बच्चों में सेवा, सम्मान, सहयोग और भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि विशेष बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर देना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। कांवड़ियों का स्वागत करने की इस पहल ने बच्चों को न केवल अपनी संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझने का अवसर दिया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत किया।

फाउंडेशन की टीम और बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

कार्यक्रम में फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. महिपाल सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, सीईओ डॉ. सुष्मिता भाटी, एडमिन हेड कृष्णा यादव, स्पेशल एजुकेटर इलिका रावत और फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह मौजूद रहे।

कार्यक्रम में स्नेहा पुरी, ग्रंथ गुप्ता, वंश, सानवी सिन्हा, राजवी सिंह, राघवी सिंह और आरव सिंह सहित कई विशेष बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं दीपक सिंह, भावना सोनी, गौरी पुरी, सुनीता भाटी, अनाया सिंह, भाविका चौहान, रजत शर्मा और रितेश सिन्हा ने वॉलंटियर के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग किया।

इस अवसर पर पप्पू यादव ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों और कांवड़ यात्रियों का आभार व्यक्त किया। वहीं महादेव अपार्टमेंट से नरेश यादव, आमोद कुमार सहित कई प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

‘सेवा और संस्कृति से जुड़ें समाज के लोग’

फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन ने समाज के सभी संस्थानों और लोगों से अपील की कि वे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में विशेष बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करें और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐसे अवसर उपलब्ध कराएं। संस्था का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और सेवा की भावना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

सेक्टर-73 में आयोजित यह कार्यक्रम कांवड़ यात्रा के बीच श्रद्धा और सेवा का ऐसा सुंदर संगम बन गया, जहां विशेष बच्चों ने अपने हाथों से बनाए उपहारों के जरिए कांवड़ियों का सम्मान कर यह संदेश दिया कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, सम्मान और मानवता में भी दिखाई देती है।।