गौतमबुद्धनगर: मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़? नोएडा जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के हाथों इंजेक्शन, वीडियो वायरल!!
दो टूक//नोएडा। उत्तर प्रदेश की हाईटेक सिटी नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला संयुक्त अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड कथित तौर पर सिरिंज में इंजेक्शन की दवा भरता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में गार्ड के आसपास चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी का भी दावा किया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक सुरक्षा कर्मी को इंजेक्शन की दवा सिरिंज में भरने की अनुमति किसने दी? यदि गार्ड बिना अनुमति यह काम कर रहा था तो मौके पर मौजूद जिम्मेदार चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने उसे तत्काल रोकने की कोशिश क्यों नहीं की?
वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल?
वायरल वीडियो में सुरक्षा गार्ड एक वायल से दवा निकालकर सिरिंज में भरता हुआ नजर आ रहा है। यदि वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम सही है, तो यह अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर बेहद गंभीर मामला है। इंजेक्शन तैयार करने और मरीज को लगाने जैसे कार्य प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की जिम्मेदारी होती है।
ऐसे में जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान में किसी सुरक्षा कर्मी का कथित तौर पर इस प्रकार की चिकित्सकीय प्रक्रिया में शामिल होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
गार्ड और नर्स पर कार्रवाई की जानकारी
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि संबंधित सुरक्षा गार्ड और नर्स को बर्खास्त कर दिया गया है। हालांकि, कार्रवाई के बाद भी कई सवाल अभी अनुत्तरित हैं।
सवाल यह भी है कि सुरक्षा गार्ड को इंजेक्शन तैयार करने जैसी प्रक्रिया में शामिल होने का मौका कैसे मिला? उस समय ड्यूटी पर कौन-कौन से चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मचारी मौजूद थे? क्या संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की गई है?
जिम्मेदारी तय करने की मांग
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सा प्रक्रिया में किसी भी स्तर की लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। वायरल वीडियो ने अस्पताल की निगरानी व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि क्या पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर केवल गार्ड और नर्स पर कार्रवाई तक मामला सीमित रहता है या उस समय मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी तय की जाती है।
फिलहाल वायरल वीडियो ने नोएडा के सेक्टर-39 जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। वीडियो की वास्तविकता, घटना का पूरा संदर्भ और जिम्मेदारी किसकी थी—इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
