गौतमबुद्धनगर: बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट, प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने की तैयारियों की समीक्षा!!
सभी विभागों को पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड में रहने के निर्देश, तटबंधों, बाढ़ चौकियों और राहत-बचाव व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने को कहा
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 13 अगस्त 2026।
जनपद गौतमबुद्धनगर में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ सुरक्षा एवं राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा को लेकर गुरुवार को सेक्टर-38 नोएडा स्थित शक्ति सदन गेस्ट हाउस में जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नदी के जलस्तर, तटबंधों की सुरक्षा, बाढ़ चौकियों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभाग पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने तीनों प्राधिकरणों, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनपद में स्थापित बाढ़ चौकियों का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए और वहां आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू हो सकें, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त रखी जाएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तटबंधों की आवश्यक मरम्मत के साथ-साथ रैटहोल्स और गड्ढों को भी दुरुस्त करा दिया गया है। बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर स्प्लिट स्टोन, मिट्टी से भरी सीमेंट की बोरियां, बल्लियां समेत अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त स्टॉक भी सुनिश्चित किया गया है।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे बाढ़ कक्ष
बाढ़ के दौरान जलस्तर की लगातार निगरानी और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए ओखला बैराज स्थित बाढ़ कक्ष तथा गाजियाबाद स्थित सिंचाई निर्माण खंड कार्यालय के बाढ़ कक्ष को 24×7 सक्रिय रखा गया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है।
जनपद में सिंचाई विभाग की दो बाढ़ चौकियां याकूतपुर और कामनगर में स्थापित की गई हैं। इसके अलावा प्रशासन की ओर से 17 प्रशासनिक बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय के लिए 07 ग्रामीण बाढ़ समितियों का गठन किया गया है।
यमुना और हिंडन के तटबंध सुरक्षित
बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड, गाजियाबाद ने नदियों के मौजूदा जलस्तर और डिस्चार्ज की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यमुना और हिंडन नदी पर बने सभी तटबंध वर्तमान में सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग द्वारा दोनों नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की गई है।
जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान बिना देरी के शुरू होना चाहिए।
उन्होंने बाढ़ चौकियों, तटबंधों और संवेदनशील स्थानों का नियमित निरीक्षण करने तथा जहां कहीं भी कमी मिले, उसे तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन को समय से आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, उप जिलाधिकारी दादरी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कंचन, सहायक अभियंता सिंचाई, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी प्रभारी मंत्री को दी।।
