रविवार, 30 अगस्त 2026

लखनऊ :फर्जी एडमिशन रैकेट का खुलासा,BITS Pilani का अफसर बनकर 46 लाख की साइबर ठगी।||Lucknow:Fake admission racket exposed, cyber fraud of Rs 46 lakh by posing as an officer of BITS Pilani.||

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लखनऊ :
फर्जी एडमिशन रैकेट का खुलासा,BITS Pilani का अफसर बनकर 46 लाख की साइबर ठगी।
दो टूक :  प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले का सपना दिखाकर लाखों रुपये ऐंठने वाले साइबर ठग का लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी खुद को BITS Pilani का प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतता था और फिर फर्जी एडमिशन कंसल्टेंसी के जरिए उन्हें इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का झांसा देता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी यशराज बाजपेई को गिरफ्तार किया है।
विस्तार :
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी की आईडी तैयार कर लोगों को अपने जाल में फंसाया। एडमिशन फीस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर पीड़ितों से ऑनलाइन और नकद रकम वसूली गई। भरोसा कायम रखने के लिए आरोपी फर्जी एडमिशन लेटर, फीस रसीद और अन्य कूटरचित दस्तावेज भी उपलब्ध कराता था।
इस तरह आरोपी ने पीड़ितों से करीब 46 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
●अलग-अलग नंबर और फर्जी नामों से करता था संपर्क।
जांच में सामने आया कि आरोपी ठगी के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबर और फर्जी नामों का इस्तेमाल करता था। रकम हासिल करने के बाद उसे विभिन्न बैंक खातों और अन्य माध्यमों से ट्रांसफर किया जाता था। पूछताछ में फर्जी एडमिशन कंसल्टेंसी चलाने के तरीके का भी खुलासा हुआ है।
मैकबुक, मोबाइल और नकदी बरामद
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 40,225 रुपये नकद, एक Apple MacBook Pro लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, पांच डेबिट/एटीएम कार्ड और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
●पुलिस की अपील—एडमिशन से पहले करें सत्यापन।
साइबर क्राइम पुलिस ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में दाखिले के नाम पर भुगतान करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत संपर्क माध्यम से पूरी तरह सत्यापन करें। सोशल मीडिया पर मिलने वाले एजेंटों या कंसल्टेंसी को बिना जांचे रकम देना भारी पड़ सकता है।