शनिवार, 1 अगस्त 2026

लखनऊ : खाकी आड़ मे आशिकी,विवेचना के बहाने युवती का 6 माह तक कथित यौन शोषण का आरोप।।||Lucknow: Love affair under the guise of khaki uniform, alleged sexual exploitation of a girl for 6 months under the pretext of investigation.||

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लखनऊ : 
खाकी आड़ मे आशिकी,विवेचना के बहाने युवती का 6 माह तक कथित यौन शोषण का आरोप।।
●खुद के थाने मे दरोगा पर एफआईआर दर्ज।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना आशियाना में तैनात एक दरोगा पर विवेचना के दौरान युवती को शादी का झांसा देकर कथित तौर पर छह महीने तक यौन शोषण करने, मारपीट करने और धमकी देने के आरोप लगे हैं। पीड़िता ने शनिवार को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
विस्तार : 
मिली जानकारी के अनुसार राजधानी की रहने वाली यूपीएससी की तैयारी कर रही पीड़िता के अनुसार, उसका पहले बस्ती निवासी एक युवक से प्रेम संबंध था। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के बाद युवक शादी से मुकरने पर उसने 5 फरवरी को उसके गृह जनपद मे जीरो एफआईआर दर्ज कराया। बाद में यह मामला 20 फरवरी को विवेचना के लिए थाना आशियाना स्थानांतरित हुआ।
पीडिता का आरोप है कि विवेचना कर रहे तत्कालीन एसएसआई धर्मवीर शाही ने बयान के बहाने युवती को बुलाना शुरू किया और शादी कराने का भरोसा दिलाते हुए खुद शादी का वादा किया। इसके बाद कई बार थाने और किला चौराहे के पास स्थित अपने कमरे पर ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए।
●शादीशुदा होने का खुलासा,फिर शुरू हुआ विवाद।
पीड़िता का आरोप है कि करीब डेढ़ माह पहले वह दरोगा के साथ वाराणसी गई, जहां दरोगा ने अपनी पत्नी का परिचय "भाभी" के रूप में कराया। बाद में सच्चाई सामने आने पर उसे पता चला कि दरोगा पहले से शादीशुदा है। इसके बाद उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।
दूरी बनाई तो मारपीट और दी धमकी का आरोप।
यूपीएससी की तैयारी कर रही पीड़िता का कहना है कि दूरी बनाने पर दरोगा ने उसे भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल किया, कई बार बुलाकर मारपीट की और धमकाया। आरोप है कि शुक्रवार रात शिकायत की जानकारी मिलने के बाद दरोगा अपने एक साथी के साथ उसके घर पहुंचा, उसे कार में बैठाकर मारपीट की और मोबाइल से वीडियो, चैट व अन्य कथित साक्ष्य डिलीट करा दिए।
पीजीआई क्षेत्र की घटना,फिर भी फाइल दबाने का आरोप।
पीड़िता का आरोप है कि विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हो गया था कि मूल घटना पीजीआई थाना क्षेत्र की है इसके बावजूद फाइल कई सप्ताह तक आगे नहीं बढ़ाई गई। इस दौरान उसे लगातार बयान के नाम पर बुलाया जाता रहा।
वरिष्ठ अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार
पीड़िता ने पुलिस उपायुक्त (मध्य) और एसीपी कैंट को नामजद शिकायत देकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण मे लपरवाही करने पर इस्पेक्टर छात्रपाल सिंह लाइन हाजिर हो गए है।
पीडिता की तहरीर दरोगा के खिलाफ खुद के थाने मे एफआईआर दर्ज।
पुलिस के अनुसार पीडिता द्वारा थाना आशियाना पर एक अगस्त को एक लिखित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में थाना स्थानीय पर पूर्व में पंजीकृत मु0अ0सं0-118/2026 की विवेचना कर रहे उ0नि0 धर्मवीर शाही के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पीडिता ने आरोप लगाया गया है कि उक्त अभियोग की विवेचना के दौरान विवेचक उ0नि0 धर्मवीर शाही द्वारा उसके साथ अश्लील,प्रेमपूर्ण बातचीत,शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध स्थापित करने, तथा बाद में मारपीट एवं जान से मारने की धमकी दी गई।आरोप लगाया गया है कि दिनांक 30.07.2026 को अपोलो हॉस्पिटल के पास विवेचक उ0नि0 धर्मवीर शाही एवं उनके दो अज्ञात साथियों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई तथा उसके वाहन में टक्कर मारी गई। वादिनी के अनुसार इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।इसके अतिरिक्त वादिनी द्वारा मोबाइल फोन में मौजूद उसकी निजी सामग्री को वायरल करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
तहरीर में लगाए गए आरोपों को संज्ञान में लेते हुए थाना आशियाना पर *मु0अ0सं0-199/2026, धारा 64(2)/ 115(2)/ 351(3)/352/304(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
निष्पक्ष विवेचना एवं अग्रिम कार्रवाई प्रकरण में निष्पक्ष,पारदर्शी एवं विधिसम्मत विवेचना* सुनिश्चित की जा रही है। विवेचना के दौरान प्राप्त होने वाले साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर आरोपों का परीक्षण किया जाएगा तथा साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
●यह खबर पीडिता और पुलिस द्वारा जारी सूचना के अनुसार है।।