गौतमबुद्धनगर: 108 देशों की छात्राओं के साथ अंतरिक्ष की उड़ान भरेगा ‘मिशन शक्तिसैट’, CM योगी ने किया शुभारंभ!!
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रूप से किया अंतरराष्ट्रीय मिशन का उद्घाटन, छात्राओं को सैटेलाइट और स्पेस टेक्नोलॉजी का मिलेगा प्रशिक्षण
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 23 अगस्त 2026। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के 19वें स्थापना दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में ऐतिहासिक आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से 23 से 31 अगस्त तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय ‘मिशन शक्तिसैट’ का शुभारंभ किया। भारत समेत 108 देशों की छात्राओं की सहभागिता वाले इस मिशन ने गौतमबुद्धनगर को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिक्षा और नवाचार के मंच पर एक नई पहचान दिलाई है।
कार्यक्रम में औद्योगिक विकास, निर्यात संवर्धन, प्रवासी एवं निवेश संवर्धन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक डॉ. केसन, IN-SPACe के निदेशक विनोद कुमार समेत वैज्ञानिक, शिक्षाविद, संकाय सदस्य, विद्यार्थी, शोधार्थी और देश-विदेश से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे।
‘डिग्री नहीं, आइडिया और इनोवेशन का होगा भविष्य’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी रोजगार तथा विकास की दिशा बदल रहे हैं। आने वाला समय केवल डिग्रियों का नहीं, बल्कि आइडिया, इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी का है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल युवाओं को जॉब-रेडी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें फ्यूचर-रेडी, इनोवेशन-रेडी और नेशन-रेडी बनाना है। शिक्षा के साथ चरित्र, प्रतिभा के साथ संवेदनशीलता और सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास जरूरी है।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से राष्ट्र निर्माण में जुटें युवा
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने करियर को केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम न बनाएं, बल्कि उसे राष्ट्र निर्माण से जोड़ें। उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता की जड़ें भारत की मिट्टी में हों और उनकी दृष्टि पूरी दुनिया पर हो। वे किसी भी क्षेत्र में जाएं, उनका करियर अलग हो सकता है, लेकिन मिशन एक होना चाहिए—‘नेशन फर्स्ट’।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का विकसित भारत आज का युवा तैयार करेगा। उत्तर प्रदेश के युवाओं की जिम्मेदारी इसलिए और बड़ी है, क्योंकि यह वह धरती है जहां भगवान बुद्ध ने मानवता को करुणा और प्रज्ञा का संदेश दिया।
108 देशों की छात्राएं बनेंगी मिशन का हिस्सा
‘मिशन शक्तिसैट’ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी है। भारत सहित 108 देशों की छात्राएं इस मिशन से जुड़ी हैं। इसका उद्देश्य दुनिया भर की प्रतिभाशाली छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीक, नवाचार और अनुसंधान के साझा मंच पर लाना है।
मिशन के तहत प्रतिभागियों को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, पेलोड डेवलपमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिस्टम इंजीनियरिंग और STEM शिक्षा का विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्राओं को उपग्रह निर्माण की अवधारणा से लेकर डिजाइन, विकास, परीक्षण और अंतरिक्ष में तैनाती तक की प्रक्रिया का व्यावहारिक परिचय कराया जाएगा।
मिशन के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जाने वाले उपग्रहों में ShakthiSAT-LEO और ShakthiSAT-Moon भी शामिल हैं। इससे छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान के साथ वास्तविक तकनीकी परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का अगला दशक ‘ग्लोबल एक्सीलेंस’ का दशक होगा : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के पिछले 19 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने भगवान बुद्ध के ज्ञान, करुणा, शांति और मानवता के मूल्यों को आधुनिक विज्ञान एवं वैज्ञानिक चेतना के साथ जोड़ने का कार्य किया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय का अगला दशक ‘ग्लोबल एक्सीलेंस’ का दशक होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसा वैश्विक उदाहरण बने, जहां ज्ञान की जड़ें भारतीय सभ्यता में हों और नवाचार की दृष्टि पूरी दुनिया पर केंद्रित हो।
उत्तर प्रदेश में तेजी से बदल रहा विकास का परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की गति के साथ अपनी पहचान भी बदली है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो, रैपिड रेल, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ओडीओपी, सेमीकंडक्टर, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीप-टेक और स्टार्टअप इकोसिस्टम प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टार्टअप और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालयों को कैंपस और इंडस्ट्री, रिसर्च और इनोवेशन तथा नॉलेज और एंटरप्राइज के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभानी होगी।
भगवान बुद्ध की सीख और आधुनिक तकनीक का संगम
मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध की सीख का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है। युवाओं को पहले स्वयं को बदलना होगा, फिर समाज को सशक्त बनाते हुए उत्तर प्रदेश और अंततः भारत के परिवर्तन का नेतृत्व करना होगा।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा में भगवान बुद्ध की करुणा, प्रज्ञा की दिशा, युवा ऊर्जा, तकनीक की गति, इनोवेशन का माध्यम और ‘नेशन फर्स्ट’ का संकल्प होना चाहिए।
मिशन शक्तिसैट छात्राओं के लिए ऐतिहासिक अवसर : नंदी
विशिष्ट अतिथि नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, तकनीक, नवाचार और उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मिशन शक्तिसैट जैसे कार्यक्रम युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं आज विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और अनुसंधान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
कुलपति ने बताया ऐतिहासिक अवसर
कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस पर मिशन शक्तिसैट का शुभारंभ संस्थान के लिए गौरव और ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना भी है।
उन्होंने कहा कि 108 देशों की छात्राओं का एक मंच पर आना इस बात का प्रमाण है कि विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक पूरी मानवता को जोड़ने की क्षमता रखते हैं।
राकेश शर्मा ने कहा—‘आप पृथ्वी के भविष्य के संरक्षक हैं’
भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे ‘पृथ्वी ग्रह के भविष्य के संरक्षक’ हैं। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग पृथ्वी तथा मानवता के बेहतर भविष्य के निर्माण में करने का आह्वान किया।
स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक डॉ. केसन ने मिशन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल किसी एक देश तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य दुनिया भर की प्रतिभाशाली छात्राओं को अंतरिक्ष शिक्षा के माध्यम से एक मंच पर लाकर वैज्ञानिक सहयोग और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
उत्कृष्ट शोध और पेटेंट के लिए संकाय सदस्य सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट शोध कार्य, पेटेंट और पुस्तकों के प्रकाशन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों को सम्मानित किया गया। डॉ. विक्रांत नैन को प्रथम, डॉ. नागेंद्र को द्वितीय तथा डॉ. शक्ति शाही को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कार्यक्रम में भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा का अनुभव किया।
मिशन शक्तिसैट ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस को अंतरिक्ष विज्ञान, महिला सशक्तिकरण, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ते हुए एक यादगार अवसर में बदल दिया। यह पहल न केवल छात्राओं को अत्याधुनिक अंतरिक्ष तकनीक से जोड़ेगी, बल्कि उन्हें भविष्य की वैज्ञानिक और तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
