रविवार, 30 अगस्त 2026

लखनऊ :छावनी परिषद को ‘मॉडल छावनी’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम, ₹100.92 करोड़ की 12 से अधिक परियोजनाओं का भूमिपूजन।।||Lucknow:A major step towards making the Cantonment Board a 'model cantonment', groundbreaking ceremony was held for over 12 projects worth ₹100.92 crore.||

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लखनऊ :
छावनी परिषद को ‘मॉडल छावनी’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम, ₹100.92 करोड़ की 12 से अधिक परियोजनाओं का भूमिपूजन।।
।।डी एस शास्त्री।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ छावनी को आधुनिक, स्वच्छ, हरित और नागरिक-केंद्रित ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। छावनी क्षेत्र में ₹100.92 करोड़ की लागत वाली 12 से अधिक प्रमुख विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे, जबकि अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की।
इन परियोजनाओं के जरिए लखनऊ छावनी में जलापूर्ति, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। छावनी प्रशासन का दावा है कि इन योजनाओं से छावनीवासियों को बेहतर और आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
◆एआई आधारित कचरा प्रबंधन संयंत्र बनेगा खास आकर्षण।
सुल्तानपुर रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में ₹9.90 करोड़ की लागत से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण और शून्य-अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। परियोजना से प्रदूषण और दुर्गंध कम करने के साथ संसाधनों के संरक्षण, राजस्व सृजन और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
लखनऊ छावनी बोर्ड और IIT कानपुर के बीच इस परियोजना को लेकर 2 नवंबर 2024 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में एमओयू हुआ था। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट IIT कानपुर द्वारा परीक्षणित की गई है।
◆दिलकुशा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पिपराघाट में आधुनिक शवदाह गृह।
दिलकुशा में ₹9.85 करोड़ की लागत से मल्टी यूटिलिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। HAL के CSR सहयोग से विकसित होने वाले इस परिसर में इनडोर-आउटडोर खेल, फिटनेस और मनोरंजन की सुविधाएं होंगी।
वहीं पिपराघाट में ₹9.08 करोड़ की लागत से आधुनिक शवदाह गृह का निर्माण BEL के CSR सहयोग से कराया जा रहा है। यहां विद्युत, गैस और लकड़ी आधारित शवदाह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
◆26 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन बदलेगी।
छावनी की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹28.88 करोड़ की जलापूर्ति परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत करीब 26 किलोमीटर पुरानी जलापूर्ति पाइपलाइन बदली जाएगी। साथ ही आठ नए ट्यूबवेल, 950 किलोलीटर क्षमता के दो ओवरहेड टैंक और 1500 किलोलीटर क्षमता का एक भूमिगत जलाशय बनाया जाएगा। इससे पेयजल की उपलब्धता, दबाव और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
◆दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय।
दिलकुशा में ₹2.59 करोड़ की लागत से दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय विकसित किया जा रहा है। इसमें समावेशी शिक्षा, पुनर्वास सहायता और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
आरए बाजार माध्यमिक विद्यालय और रेनबो मॉडल स्कूल में भी अतिरिक्त कक्षाओं, शौचालयों और पुराने भवन के सुधार का काम होगा। दोनों परियोजनाओं पर कुल ₹6.02 करोड़ खर्च होंगे, जिससे करीब 2,500 विद्यार्थी और शिक्षण स्टाफ लाभान्वित होंगे।
◆सदर बाजार में बनेगी रोबोटिक पार्किंग।
सदर बाजार में ₹15.64 करोड़ की लागत से मल्टी-लेवल रोबोटिक कार पार्किंग और वाणिज्यिक परिसर विकसित किया जा रहा है। G+4 रोबोटिक पार्किंग से सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग, यातायात दबाव और अतिक्रमण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वाणिज्यिक परिसर से राजस्व सृजन का भी उद्देश्य रखा गया है।
23 एकड़ में फैले विरासत कचरे का होगा बायो-माइनिंग
ट्रेंचिंग ग्राउंड में करीब 23 एकड़ क्षेत्र में जमा 4.25 लाख टन विरासत अपशिष्ट का वैज्ञानिक बायो-माइनिंग और बायो-रिमेडिएशन किया जाएगा। इससे लीचेट, वायु प्रदूषण, दुर्गंध, मच्छर-मक्खियों के प्रजनन और आग के खतरे को कम करने के साथ भूमि के पुनरुद्धार का रास्ता खुलेगा।
◆स्वास्थ्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी जोर।
उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से नेता मेमोरियल पॉलीक्लिनिक को सिटी पॉलीक्लिनिक के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सामान्य ओपीडी के साथ विशेषज्ञ सेवाएं, जांच, दवाएं, टीकाकरण, परिवार नियोजन और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मंगलादेवी जूनियर हाई स्कूल में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर के जरिए UPSC, UPPSC, SSC, बैंकिंग, NDA/CDS समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग सहायता दी जा रही है।
◆केंद्र-राज्य समन्वय से विकास को गति।
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा व संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव समेत केंद्र, राज्य, सेना, पुलिस और रक्षा संपदा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
लखनऊ छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर आर.के. मिश्रा और मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिषेक राठौर समेत परिषद के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिषेक राठौर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद विकास परियोजनाओं को गति, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित सुशासन के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
₹100.92 करोड़ की इन परियोजनाओं को लखनऊ छावनी के व्यापक कायाकल्प की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। जल सुरक्षा से लेकर कचरा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पार्किंग और पर्यावरणीय सुधार तक की योजनाएं पूरी होने के बाद छावनी को आधुनिक और नागरिक सुविधाओं से युक्त ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।