शनिवार, 18 जुलाई 2026

लखनऊ :STF ने कछुओं की तस्करी करने वाले तस्कर को किया गिरफ्तार,171 प्रतिबंधित कछुआ बरामद।।||Lucknow:STF arrested a turtle smuggler, recovered 171 banned turtles.||

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लखनऊ :
STF ने कछुओं की तस्करी करने वाले तस्कर को किया गिरफ्तार,171 प्रतिबंधित कछुआ बरामद।।
दो टूक : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को
हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र स्थित रेलवे क्रॉसिंग, कानपुर से शनिवार
 गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 171 इंडियन रूफर्ड टर्टल (Indian Roofed Turtle), एक आधार कार्ड तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
विस्तार : 
एसटीएफ के अनुसार वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की पहल पर उत्तर प्रदेश में कई वर्षों से कछुआ तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। भारत में पाई जाने वाली 29 प्रजातियों में से 15 प्रजातियां उत्तर प्रदेश में मिलती हैं, जिनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। इनका उपयोग मांस, पालतू जीव तथा कथित शक्तिवर्धक दवाओं के निर्माण में किया जाता है।
एसटीएफ को लगातार सूचना मिल रही थी कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सक्रिय तस्कर बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी कर रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पश्चिम बंगाल के माध्यम से इन कछुओं की तस्करी बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग और मलेशिया सहित अन्य देशों तक की जाती है।
उप निरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एसटीएफ टीम ने वन विभाग, कानपुर रेंज के साथ संयुक्त अभियान चलाकर शनिवार दोपहर मुखबिर की सूचना पर कानपुर के थाना हरबंश मोहाल क्षेत्र स्थित रेलवे क्रॉसिंग पास से गिरफ्तार किया गया है। जिसके पास से 171 इंडियन रूफर्ड टर्टल कछुआ बरामद मे हुआ है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान जाहिद अली निवासी भटपुरा थाना कमालगंज फतेहगढ़ के रुप मे हुई है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह फतेहगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के तालाबों एवं नदियों से स्थानीय तस्करों के माध्यम से कछुए एकत्र करता था और उन्हें कानपुर के नेटवर्क के जरिए बिहार तथा पश्चिम बंगाल भेजता था।
आरोपी के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 40, 48ए, 51 एवं 57 के तहत वन रेंज कानपुर में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई वन विभाग द्वारा की जा रही है।