लखनऊ :
पन्द्रह लाख में शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने का खेल बेनकाब,साल्वर गैंग का सरगना गिरफ्तार।
दो टूक : राजधानी लखनऊ की हुसैनगंज पुलिस ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा में अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलाने वाले संगठित साल्वर गैंग के सरगना को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने के लिए 15 लाख का सौदा किया था, जिसमें से 7 लाख बैंक खाते के माध्यम से भेजे गए थे। मामले में पहले ही फर्जी परीक्षार्थी को घटना के दिन गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
विस्तार :
थाना प्रभारी हुसैनगंज शिवमंगल सिंह के अनुसार आयोजित टीजीटी) परीक्षा में अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलाने वाले संगठित साल्वर गैंग के सरगना
ऋषिकेश सिंह (38 वर्ष) अखण्ड नगर सुल्तानपुर निवासी को गिरफ्तार करने मे पुलिस टीम को बड़ी सफलता मिली है।
●ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज।
पुलिस के अनुसार 3 मार्च 2026 को लखनऊ स्थित बप्पा श्रीनारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक ने सूचना दी थी कि प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी विजय प्रताप सिंह के स्थान पर एक अन्य व्यक्ति फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे परीक्षा दे रहा है।
सूचना मिलते ही हुसैनगंज पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फर्जी परीक्षार्थी राजेश प्रताप सिंह को परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था तथा संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
तकनीकी जांच में सामने आया मास्टरमाइंड
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक लेन-देन, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि पूरे षड्यंत्र का संचालन मास्टर माइंड ऋषिकेश सिंह कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने असली अभ्यर्थी की जगह राजेश प्रताप सिंह को परीक्षा दिलाने के लिए 15 लाख में सौदा तय किया था, जिसमें से 7 लाख बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। परीक्षा के लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए थे। घटना के दिन आरोपी अपनी कार छोड़कर फरार हो गया था।
●सर्विलांस और मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी।
दर्ज मुकदमे मे फरार चल रहे सरगना की लगातार तलाश के दौरान सर्विलांस सेल और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 26 जुलाई 2026 को ऋषिकेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
◆इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा।
आरोपी के विरुद्ध थाना हुसैनगंज में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज है।
●गिरफ्तारी करने वाली टीम।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष शिवमंगल सिंह, उपनिरीक्षक मुरलीधर मिश्रा, उपनिरीक्षक वेदप्रकाश, सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल अखिलेश कुमार तथा कांस्टेबल अजय कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
