लखनऊ :
सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर अस्पताल भेजना तानाशाही,नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो: अजय राय।।
दो टूक : पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हिरासत में लेकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर वे 21 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और बिगड़ते स्वास्थ्य (डिहाइड्रेशन) के कारण उच्च न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। जिसे लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस के बल पर हटाकर अस्पताल में भर्ती कराना पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण कदम है।
विस्तार :
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने जारी बयान में कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज उठाई जा रही है। इसी क्रम में छात्रों की मांगों को लेकर सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई कर उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल भेज दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र सभी नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकारें लोकतांत्रिक मूल्यों का लगातार हनन कर रही हैं और शांतिपूर्ण विरोध को भी दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अजय राय ने केंद्र सरकार से नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए, न कि विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाना चाहिए।
सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर अस्पताल भेजना तानाशाही, नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो: अजय राय
लखनऊ, 18 जुलाई। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे भूख हड़ताल से पुलिस के बल पर हटाकर अस्पताल में भर्ती कराना पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण कदम है।
अजय राय ने जारी बयान में कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज उठाई जा रही है। इसी क्रम में छात्रों की मांगों को लेकर सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई कर उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल भेज दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र सभी नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकारें लोकतांत्रिक मूल्यों का लगातार हनन कर रही हैं और शांतिपूर्ण विरोध को भी दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अजय राय ने केंद्र सरकार से नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए, न कि विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाना चाहिए।
