गोंडा:
कृषि विकास को रफ्तार देने के लिए सीडीओ ने कसी कमर, किसान हित पर जोर।।
।।संवाददाता – वीरेन्द्र कुमार।।
दो टूक : गोंडा जनपद में कृषि विकास को नई गति देने और किसानों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद की अध्यक्षता में कृषि विभाग से संबंधित आत्मा (ATMA) गवर्निंग बोर्ड एवं किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
विस्तार :
कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती, विभागीय समन्वय और एफपीओ को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने गुणवत्तायुक्त बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, उद्यानिकी विकास तथा विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उत्पादन लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि सरकार की प्रत्येक किसान हितैषी योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी भेदभाव के अंतिम पात्र किसान तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों का नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को आर्थिक एवं संस्थागत रूप से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है।
बैठक में एफपीओ के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, सामूहिक विपणन तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सीडीओ ने योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक संतोष द्विवेदी, एलडीएम विनोद कुमार तिवारी, एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी रश्मि शर्मा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, पशुपालन विभाग सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कृषि क्षेत्र के सतत विकास तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी विशेष बल दिया गया।
