सोमवार, 27 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर//बरौला में फूटा जनाक्रोश: बदहाल सड़कें और जलभराव को लेकर ग्रामीणों का हल्ला बोल, प्राधिकरण को दी आंदोलन की चेतावनी!!

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गौतमबुद्धनगर//बरौला में फूटा जनाक्रोश: बदहाल सड़कें और जलभराव को लेकर ग्रामीणों का हल्ला बोल, प्राधिकरण को दी आंदोलन की चेतावनी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की कथित अनदेखी और वर्षों से लंबित मूलभूत समस्याओं के विरोध में सोमवार को ग्राम बरौला में ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बदहाल सड़कें, जाम सीवर, जलभराव और गंदगी से परेशान ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान के नेतृत्व में गांव की मुख्य सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मुख्य मार्ग जाम करने के साथ-साथ नोएडा प्राधिकरण कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नोएडा प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर आर.के. शर्मा, सीनियर मैनेजर रोहित सिंह और सीनियर मैनेजर पी.सी. सैन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को एलिवेटेड रोड के नीचे मुख्य मार्ग, जूस कॉर्नर डीएससी रोड से चौहान चौपाल तक की सड़क, गांव की गलियों, सीवर लाइनों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण कराया। जगह-जगह टूटी सड़कें, कीचड़ और गंदे पानी से भरे रास्ते देखकर अधिकारियों ने भी हालात की गंभीरता को स्वीकार किया।

निरीक्षण के बाद ग्रामीणों ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के लिए दो माह का समय मांगा, लेकिन ग्रामीणों ने इसे अस्वीकार करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों के साथ जल्द बैठक कराकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।

इस दौरान भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि बरौला गांव की बदहाली केवल प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि एक ओर नोएडा को आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर बनाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर गांवों के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, सीवर व्यवस्था ध्वस्त है, जलभराव ने लोगों का जीवन दूभर कर दिया है और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे रोज कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जबकि बुजुर्गों और महिलाओं को घर से निकलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बीसी प्रधान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) हमेशा किसानों, ग्रामीणों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रही है। उन्होंने कहा कि बरौला गांव की समस्याओं का समाधान अब केवल आश्वासनों से नहीं होगा, बल्कि प्राधिकरण को जमीनी स्तर पर काम करना होगा। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन करेगा और प्राधिकरण का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल बरौला गांव का मुद्दा नहीं है, बल्कि नोएडा के अधिकांश गांव आज भी सड़क, सीवर, जल निकासी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बदहाल हैं। उन्होंने मांग की कि गांवों को भी शहरों की तरह सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।

प्रदर्शन में हरेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश गुर्जर, राजकुमार मोनू, चमन चौहान, आशीष चौहान, सुनील बैसोया, शिवकुमार, महेश बैसोया, पप्पू कश्यप, अंकुर कश्यप, सतेंद्र सिंह, उमेश चौहान सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप लेगा।।