गोंडा- कड़ी मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में चयनित होकर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले गोंडा जनपद के विकासखंड छपिया अंतर्गत ग्राम पंचायत धानेपुर के मजरा मिर्जापुर निवासी आनंद विश्वकर्मा का प्रथम बार अपने पैतृक गांव पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।
मसकनवा रेलवे स्टेशन पर परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने फूल- मालाओं, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला। स्वागत जुलूस के साथ आनंद सबसे पहले मसकनवा स्थित सम्मय माता मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि- विधान से पूजा- अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे अपने गांव मिर्जापुर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उन्हें फूल- मालाओं से सम्मानित किया और कंधों पर बैठाकर उनका अभिनंदन किया।
आनंद विश्वकर्मा एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता मनीराम विश्वकर्मा खेती-किसानी करते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। बेटे को सीआईएसएफ की वर्दी में देखकर पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं। परिवार के लिए यह पल वर्षों की मेहनत, संघर्ष और धैर्य का सुखद परिणाम था।
आनंद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने डॉ. सीबी शुक्ला मेमोरियल इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने सीआईएसएफ भर्ती की तैयारी शुरू की। कई असफलताओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत तथा अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।
आनंद के बड़े भाई अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि आनंद ने अपनी सफलता के लिए वर्षों तक प्रतिदिन लगभग आठ घंटे नियमित पढ़ाई की। उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ भर्ती की तैयारी की। कई बार असफलता मिलने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार प्रयास करते रहे। अरुण ने कहा कि आनंद की यह सफलता उनके अथक परिश्रम, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिणाम है, जो आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
अपनी सफलता का श्रेय आनंद ने अपने पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी परिवार ने उनका मनोबल कभी टूटने नहीं दिया। परिवार का विश्वास, शिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत ही उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई है।
ग्रामीणों ने आनंद की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास हो तो कोई भी सफलता असंभव नहीं होती। ग्रामीणों ने आनंद के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए देश सेवा के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। गांव में दिनभर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा और हर कोई आनंद की सफलता पर गर्व महसूस करता नजर आया।। गोण्डा से प्रदीप पांडेय की खास रिपोर्ट।।
