रविवार, 19 जुलाई 2026

लखनऊ : सोशल मीडिया पर दोस्ती कर 68 लाख की ठगी करने वाला नाइजीरियन तस्कर गिरफ्तार,10 करोड़ की मेथामफेटामाइन बरामद।||Lucknow: Nigerian smuggler arrested for duping people of Rs 68 lakh after befriending them on social media; methamphetamine worth Rs 10 crore recovered.||

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लखनऊ  : 
सोशल मीडिया पर दोस्ती कर 68 लाख की ठगी करने वाला नाइजीरियन तस्कर गिरफ्तार,10 करोड़ की मेथामफेटामाइन बरामद।
।।डी एस शास्त्री।।
दो टूक : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त कार्रवाई में सोशल मीडिया पर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीयों को प्रेमजाल में फंसाने और करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय नाइजीरियन गिरोह के एक सदस्य को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से करीब 6.086 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (प्रतिबंधित मादक पदार्थ) बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। साथ ही पांच मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट भी बरामद किए गए हैं।
विस्तार :
एसटीएफ के अनुसार सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक पर दोस्ती, प्यार का झांसा और फिर करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ्तार आरोपी ओबासे प्रॉस्पर (27 वर्ष) निवासी इमो स्टेट, नाइजीरिया का रहने वाला है जो वर्ष 2023 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। वीजा समाप्त होने के बाद भी वह दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक-युवतियों से दोस्ती करता था। इसके बाद महंगे गिफ्ट, डॉलर और पाउंड भेजने का लालच देकर एयरपोर्ट पर कस्टम, इनकम टैक्स और जीएसटी के नाम पर रकम वसूलकर साइबर ठगी को अंजाम देता था।
लखनऊ के युवक से 68 लाख रुपये की ठगी।
जांच में सामने आया कि डालीगंज, लखनऊ निवासी एक युवक को इंग्लैंड निवासी "डोरिस विलियम" के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए प्रेमजाल में फंसाया गया। बाद में कस्टम अधिकारी और इनकम टैक्स अधिकारी बनकर उससे करीब 68 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में थाना मड़ेयगंज में मुकदमा दर्ज है। इसी प्रकरण में पहले गिरोह के सदस्य उचेनवा को मई 2026 में गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि ओबासे प्रॉस्पर फरार चल रहा था।
साइबर ठगी के साथ मादक पदार्थों की तस्करी।
एसटीएफ की साइबर टीम को सूचना मिली कि वांछित आरोपी साइबर अपराधों के साथ-साथ दिल्ली में मादक पदार्थों की तस्करी में भी शामिल है। सूचना साझा करने पर एनसीबी दिल्ली जोनल यूनिट के साथ संयुक्त छापेमारी की गई, जिसमें आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद की गई।
देशभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके कई साथी अभी भी दिल्ली में रहकर विदेशी नागरिकों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर भारतीयों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। एसटीएफ के अनुसार प्रारंभिक जांच में इस गिरोह द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा।
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध एनसीबी दिल्ली जोनल यूनिट, आरके पुरम में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ और एनसीबी अब गिरोह के बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।