सोमवार, 27 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर//संभव अभियान 6.0: दनकौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला मासिक धर्म स्वच्छता और दस्तक अभियान का विशेष प्रशिक्षण, समुदाय में जागरूकता बढ़ाने पर जोर!!

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गौतमबुद्धनगर//संभव अभियान 6.0: दनकौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला मासिक धर्म स्वच्छता और दस्तक अभियान का विशेष प्रशिक्षण, समुदाय में जागरूकता बढ़ाने पर जोर!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर। महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘संभव अभियान 6.0’ के तहत सोमवार को दनकौर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Menstrual Health & Hygiene) के साथ-साथ दस्तक अभियान के तहत संचारी रोगों की रोकथाम और जनजागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) संध्या सोनी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता संबंधी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में परियोजना क्षेत्र की सभी मुख्य सेविकाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान ‘संभव अभियान 6.0’ की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” पर विशेष चर्चा की गई। वहीं ‘प्रोजेक्ट साथी सखी’ के अंतर्गत महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण सत्र में यूनिफार्म संस्था की सीनियर मैनेजर मेहक कौशिक, सीएसआर एग्जीक्यूटिव अंकिता सुखवाल एवं मेघा कौशिक ने मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक मिथकों, व्यक्तिगत स्वच्छता, सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, वैज्ञानिक तरीके से उनके निस्तारण तथा महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की सबसे मजबूत कड़ी हैं और उनकी सक्रिय भूमिका से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को नई दिशा मिल सकती है।

इस अवसर पर दस्तक अभियान के तहत संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे घर-घर जाकर बच्चों और परिवारों की नियमित निगरानी करें, संभावित बीमारियों के लक्षणों की समय रहते पहचान कर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें तथा लोगों को साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें।

सीडीपीओ संध्या सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा संचारी रोगों की रोकथाम के प्रति लगातार जागरूक करें, ताकि स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में प्रभावी योगदान दिया जा सके।

कार्यक्रम में मुख्य सेविकाएं ममता, किरण, पूनम, माधुरी, प्रीति, कंचन एवं अनु सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता, बेहतर पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और संचारी रोगों की रोकथाम का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और सरकार के जनस्वास्थ्य अभियानों को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।।