गौतमबुद्धनगर: इस्कॉन नोएडा के छठे दीक्षांत समारोह में 40 विद्यार्थियों को मिली 'भक्ति शास्त्री' डिग्री, शास्त्र अध्ययन से जीवन में शांति का संदेश!!
दो टूक//नोएडा। आध्यात्मिक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही इस्कॉन नोएडा की भक्तिवेदान्त एकेडमी का छठा दीक्षांत समारोह रविवार को गोविंद धाम परिसर में श्रद्धा, उत्साह और वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हुआ। समारोह में विभिन्न आयु वर्ग के 40 विद्यार्थियों को एक वर्षीय 'भक्ति शास्त्री' डिग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरुओं ने शास्त्र अध्ययन को जीवन में शांति, संस्कार और आत्मिक उन्नति का आधार बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से आध्यात्मिक शिक्षा से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। पूरे समारोह में वैदिक संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण की विशेष झलक देखने को मिली। स्नातक विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने के दौरान उपस्थित परिजनों और श्रद्धालुओं ने उनका उत्साहवर्धन किया। समारोह में करीब 300 श्रद्धालु, विद्यार्थियों के परिवारजन और इस्कॉन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
23 वर्षों से आध्यात्मिक शिक्षा का केंद्र बनी है भक्तिवेदान्त एकेडमी
इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद की उस प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए कि प्रत्येक व्यक्ति शास्त्रों का गंभीर अध्ययन करे, वर्ष 2003 में इस्कॉन नोएडा में उनके निजी शिष्य परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज के मार्गदर्शन में भक्तिवेदान्त एकेडमी की स्थापना की गई थी। एकेडमी का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक व्यवस्थित और प्रामाणिक आध्यात्मिक शिक्षा पहुंचाना है।
एकेडमी प्रत्येक वर्ष कई आध्यात्मिक सर्टिफिकेट कोर्स संचालित करती है, जिनमें अनुभवी एवं प्रामाणिक अध्यापक विद्यार्थियों को भगवद्गीता सहित विभिन्न वैदिक ग्रंथों का गहन अध्ययन कराते हैं। इन कोर्सों का लाभ हर वर्ष हजारों श्रद्धालु उठा रहे हैं।
भारत ही नहीं, विदेशों के विद्यार्थी भी बन रहे हैं भागीदार
एकेडमी का प्रमुख कोर्स 'भक्ति शास्त्री' है, जिसमें पूरे वर्ष भगवद्गीता एवं अन्य प्रमुख वैदिक शास्त्रों का विस्तार से अध्ययन कराया जाता है। कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को भक्ति शास्त्री की डिग्री प्रदान की जाती है।
अब तक भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका, म्यांमार, नेपाल, मॉरीशस, सऊदी अरब, कोलंबिया और पाकिस्तान सहित कई देशों के 350 से अधिक विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित डिग्री को प्राप्त कर चुके हैं। विशेष बात यह है कि इन पाठ्यक्रमों में किसी भी आयु, वर्ग, सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति प्रवेश लेकर आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त कर सकता है।
शास्त्र अध्ययन से समाज में आएगी शांति : अतुल कृष्ण प्रभुजी
समारोह के मुख्य अतिथि इस्कॉन शिक्षा मंत्रालय के सदस्य एवं इस्कॉन बोर्ड ऑफ एग्जाम के चेयरमैन अतुल कृष्ण प्रभुजी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शास्त्रों का गंभीर अध्ययन पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति शास्त्रों के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाए तो परिवार, समाज और राष्ट्र में शांति एवं सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
दीक्षांत समारोह में इस्कॉन नोएडा के सह-अध्यक्ष वंशीधर दास, सह-अध्यक्ष वेदांत चैतन्य दास, टेम्पल कमांडर राधाकुंड दास, भक्तिवेदान्त एकेडमी के निदेशक बुद्धिमन्ता दास सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, स्नातक विद्यार्थी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
समारोह के समापन पर सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों को पारंपरिक प्रसादम (भोजन) वितरित किया गया। पूरे आयोजन में आध्यात्मिक उल्लास, अनुशासन और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा की सुंदर झलक देखने को मिली।।
