दो टूक//लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों को लेकर सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय, लखनऊ में सभी एमएलसी स्नातक एवं शिक्षक प्रत्याशियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में चुनावी रणनीति के साथ-साथ विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान गौतमबुद्धनगर के वरिष्ठ अधिवक्ता, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी के सक्रिय नेता परमेंद्र भाटी ने अधिवक्ताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देते हुए 21 सूत्रीय मांगपत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपा। उन्होंने मांग की कि इन महत्वपूर्ण बिंदुओं को समाजवादी पार्टी के आगामी चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया जाए, ताकि सरकार बनने पर इन्हें प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
परमेंद्र भाटी ने अपने मांगपत्र में अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, प्रत्येक जनपद में अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर निर्माण हेतु विशेष बजट आवंटित करने तथा प्रत्येक न्यायालय में समृद्ध विधिक लाइब्रेरी स्थापित करने की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने नवपंजीकृत अधिवक्ताओं को पंजीकरण के बाद पांच वर्षों तक ₹5,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड देने और सभी अधिवक्ताओं के लिए व्यापक मेडिकल इंश्योरेंस योजना लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बैनामा लेखकों एवं स्टांप विक्रेताओं के हितों की रक्षा के लिए भी ठोस नियम एवं प्रावधान बनाने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इस वर्ग को पर्याप्त सुरक्षा और संरक्षण की आवश्यकता है।
मांगपत्र में शिक्षक एवं कर्मचारी वर्ग से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। इसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, शिक्षकों और कर्मचारियों को उचित वेतनमान, कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग शामिल रही। साथ ही शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षकों के समान वेतन एवं सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्ववित्तपोषित एवं वित्तविहीन विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं देने की मांग की गई।
छात्रों और युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए परमेंद्र भाटी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। उन्होंने बंद किए गए बेरोजगारी भत्ते को पुनः शुरू कर प्रत्येक पात्र बेरोजगार युवक-युवती को ₹7,000 प्रतिमाह देने, सभी छात्रों को समान रूप से छात्रवृत्ति, लैपटॉप एवं अन्य शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंच से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और युवाओं से जुड़े इन महत्वपूर्ण सुझावों पर पार्टी गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े प्रमुख मुद्दों को समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा और सरकार बनने पर इनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता परमेंद्र भाटी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को गंभीरता से सुनती रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि अधिवक्ताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े इन मुद्दों को पार्टी अपने घोषणापत्र में स्थान देकर भविष्य में प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी।।
