गौतमबुद्धनगर/आर-पार की लड़ाई का ऐलान: 10% विकसित प्लॉट, आबादी निस्तारण और नए भूमि अधिग्रहण कानून की मांग को लेकर किसानों का सूरजपुर कलेक्ट्रेट पर शक्ति प्रदर्शन!!
दो टूक//सूरजपुर (गौतमबुद्ध नगर)। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले मंगलवार को गौतमबुद्ध नगर के किसानों ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय सूरजपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन और महापंचायत का आयोजन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
महापंचायत में किसानों ने कहा कि तीनों प्राधिकरणों द्वारा किसानों की जमीनों का अधिग्रहण तो कर लिया गया, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें उनका वैधानिक अधिकार, उचित मुआवजा और विकसित भूखंड नहीं मिल सके हैं। किसानों का आरोप है कि आबादी, मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार जैसे मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जबकि प्रशासन केवल आश्वासन देने तक सीमित है।
इस दौरान किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के बच्चों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
किसानों की प्रमुख 11 मांगें
- यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा तत्काल वितरित किया जाए।
- जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों को विस्थापन नीति के तहत 100 वर्गमीटर का प्लॉट, 5 लाख रुपये अनुदान एवं चार गुना मुआवजा दिया जाए।
- नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की आबादी संबंधी सभी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा बिल्डिंग और आबादी के मामलों में किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाए।
- एक सप्ताह के भीतर किसानों के साथ बैठक कर सभी लंबित समस्याओं के समाधान की कार्ययोजना तैयार की जाए।
- भूमिहीन एवं प्रभावित किसानों को बिना किसी भेदभाव के आबादी के अधिकार दिए जाएं।
- तहसीलों में नामांतरण, दाखिल-खारिज, नक्शा संशोधन सहित सभी राजस्व कार्यों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
- तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
- सभी पात्र किसानों को 120 वर्गमीटर आवासीय प्लॉट का लाभ दिया जाए तथा पुराने प्रकरणों की विसंगतियां दूर की जाएं।
- स्थानीय युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
- बिजली विभाग द्वारा किसानों का उत्पीड़न बंद करते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- नए भूमि अधिग्रहण कानून को प्रभावी ढंग से लागू कर किसानों को उनके सभी वैधानिक अधिकार दिए जाएं।
महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन सरकार और प्राधिकरण लगातार उनकी उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अब भी किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिला मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने कहा कि किसान अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह किसानों की जायज मांगों को गंभीरता से लेकर समयबद्ध कार्रवाई करे, ताकि आंदोलन की नौबत न आए।
भारतीय किसान यूनियन के युवा अध्यक्ष (गौतम बुद्ध नगर) ललित चौहान ने कहा कि जिले का युवा किसान अब पूरी तरह जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने किसानों की अनदेखी जारी रखी तो गांव-गांव जनसंपर्क कर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।
महापंचायत के अंत में किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई है। यदि सरकार और तीनों प्राधिकरणों ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो गौतमबुद्ध नगर से शुरू हुआ यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप लेगा।
