मऊ :
मऊ लाल ने जनपद का किया नाम रोशन,गोंडा के बनाए गए जिला क्रीड़ा अधिकारी।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद के मुंशीपुरा के रहने वाले रंजीत राज ने मऊ जिले का नाम रोशन किया है जहां रंजीत राज को शासन ने गोंडा जिले का जिला क्रीड़ा अधिकारी नियुक्त किया है । रंजीत राज मऊ जिले के मुंशीपुरा के रहने वाले हैं जहां उन्हें 2012 में उप क्रीड़ा अधिकारी के पद पर वाराणसी में ज्वाइन किया था । मुरादाबाद, लखनऊ में अपनी सेवाएं देते हुए शासन ने विगत दिनों रंजीत राज का प्रमोशन करते हुए गोंडा जिले का जिला क्रीड़ा अधिकारी बनाया है ऐसे में रंजीत राज को गोंडा जिले का जिला क्रीड़ा अधिकारी बनाए जाने से मऊ जनपद में हर्ष का माहौल है ।
ग्यारह वर्ष की आयु में रंजीत राज के पिता स्वर्गीय जीवन राम का देहांत हो गया था । काफी संघर्षों से रंजीत राज की मां राजकुमारी देवी ने अपने बच्चों का लालन पोषण किया था । शुरू से ही खेल में रुचि रखते हुए रंजीत राज ने खेल को ही अपना करियर चुना, जहाँ रंजीत राज ने हॉकी में नेशनल गेम खेलते हुवे उप क्रीड़ा अधिकारी की नौकरी हासिल की । रंजीत राज बताते हैं कि हॉकी में उनके गुरु रहे मऊ के ओमेंद्र सिंह एवं जफर अब्बास रिजवी ने उन्हें खेल में प्रशिक्षण देते हुए उन्हें नेशनल गेम खेलने लायक बनाया । आज उन्हीं की देन है कि वह उप क्रीड़ा अधिकारी के पद पर अपनी सेवा देते हुए गोंडा जिले का जिला क्रीड़ा अधिकारी बनाया गया है । 2012 में उन्हें उप क्रीड़ा अधिकारी के पद पर वाराणसी में ज्वाइन किया । मुरादाबाद व लखनऊ में उन्होंने अपनी सेवाएं दिया हैं जहां पर लखनऊ में उन्हें 2023 से 2026 तक लखनऊ छात्रावास के कोच के पद पर भी अपनी सेवा दी है जहां उनके अंडर में रहकर बच्चों ने नेशनल, इंटरनेशनल मैच खेलते हुवे भारत का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया । वहीं इस बार रंजीत राज के कुशल प्रशिक्षण में लखनऊ छात्रावास के पुष्पेंद्र कुशवाहा, राहुल यादव, हरिलाल राजभर, शाहरुख़ अली ने जापान में हुए अंडर 18 विश्व हॉकी चैंपियनशिप प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया है । कठिन परिश्रम और खेल के प्रति उनकी रुचि रखते हुवे रंजीत राज आगे बढ़ते गए जिसका नतीजा है कि आज उन्हें गोंडा जिले का जिला क्रीड़ा अधिकारी बनाकर शासन ने उन्हें गोंडा भेजा है । रंजीत राज कहते हैं कि छोटे से जनपद गोंडा के युवा प्रतिभाओं को निखाकर और उनको राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना ही उनका उद्देश्य है जिससे यह बच्चे आगे चलकर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें ।
