मऊ :
फायर सेफ्टी जांच में खुली पोल, इमरजेंसी एग्जिट खोलने में लगा एक घंटा।
दो टूक : लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रदेश प्रशासन एवं जिला प्रशासन अलर्ट, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और कोचिंग संस्थानों में मिलीं कई खामियां, समय सीमा निर्धारित, इसके बाद सीधे कार्रवाई।
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लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मऊ जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को सदर एसडीएम अवधेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट रमेश बाबू और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। एक बड़े ब्रांडेड स्टोर में अधिकारियों के निर्देश पर जब इमरजेंसी एग्जिट खोलने को कहा गया तो कर्मचारियों को उसे खोलने में करीब एक घंटे का समय लग गया। इससे आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई।
वहीं एक बड़े मॉल में फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच के दौरान कई उपकरण केवल दिखावे के लिए लगे मिले। कई पाइप उपयोग की स्थिति में नहीं थे, जबकि कुछ हिस्सों को कभी खोला तक नहीं गया था। फायर विभाग ने तत्काल सभी उपकरणों को क्रियाशील करने और नियमित परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
सदर एसडीएम ने संबंधित संचालकों को सुरक्षा व्यवस्थाएं तुरंत दुरुस्त करने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस औचक जांच के बाद शहर के मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और कोचिंग सेंटर संचालकों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। निरीक्षण अभियान में फायर विभाग के अधिकारी के. वर्मा, सीओ सिटी नितेश कुमार, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
