बुधवार, 24 जून 2026

मऊ :जनपद में स्वास्थ्य का अवैध कारोबार मामले में डिप्टी सीएम सख्त,एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट।||Mau:Deputy Chief Minister takes strict action on illegal health trade in the district, demands report within a week.||

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मऊ :
जनपद में स्वास्थ्य का अवैध कारोबार मामले में डिप्टी सीएम सख्त,एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद में स्वास्थ्य चिकित्सा एवं अवैध रूप से गर्भपात कराने और बिना चिकित्सकीय परामर्श के गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री के मामले ने प्रदेश स्तर पर हलचल मचा दी है। एक मीडिया समूह द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में कई अस्पतालों, क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों में कथित अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।
स्टिंग ऑपरेशन के दौरान टीम ने कोपागंज क्षेत्र स्थित कृष्णा हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज के समीप संचालित प्रतिष्ठानों सहित अमिला, थानीदास मोड़, मादी और अन्य स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अस्पतालों, क्लीनिकों एवं मेडिकल स्टोरों की गतिविधियों की पड़ताल की थी। इसके बाद प्रकाशित समाचार ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त अस्पतालों, क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर शासन को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रकाशित रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि कुछ स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन किए गर्भपात कराए जा रहे हैं। वहीं कुछ मेडिकल स्टोरों पर बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री भी सामने आई थी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जांच टीमों का गठन किया जा रहा है और सभी संदिग्ध संस्थानों की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि किसी अस्पताल, क्लीनिक या मेडिकल स्टोर की भूमिका नियमों के विपरीत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों की कार्यप्रणाली पर भी विभाग की नजरें टिकी हुई हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर लगी हैं।