लखनऊ :
गोसाईगंज क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती से जनता में भारी आक्रोश,
चेयरमैन ने खोला मोर्चा।
दो टूक : लखनऊ के गोसाईगंज टाऊन एरिया के चेयरमैन ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का लगाया आरोप, सीएम से कार्रवाई की मांग; सुधार न होने पर जनता के साथ आंदोलन की दी चेतावनी।
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जानकारी के अनुसार गोसाईगंज नगर क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले दो माह से हो रही लगातार अघोषित बिजली कटौती को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच 10 से 20 मिनट के अंतराल पर बार-बार बिजली गुल होने से आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।जनता की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए गोसाईगंज नगर पंचायत के चेयरमैन निखिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य अभियंता अमौसी जोन सहित बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर संबंधित सहायक अभियंता और अवर अभियंता पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है और लाखों उपभोक्ता परेशान हैं।
चेयरमैन ने आरोप लगाया कि विद्युत उपकेंद्र पर कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारी कई महीनों से जर्जर एबीसी वायर बदलने और डबल लाइन निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके चलते मामूली फॉल्ट में भी बार-बार बिजली आपूर्ति ठप हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी रात्रि में उपकेंद्र पर मौजूद नहीं रहते, जिससे फॉल्ट ठीक होने में अनावश्यक देरी होती है और लोगों को घंटों बिजली संकट झेलना पड़ता है।लगातार बिगड़ती व्यवस्था से व्यापारियों, किसानों, छात्रों और घरेलू उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है।चेयरमैन निखिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, जर्जर एबीसी वायर बदलवाने, डबल लाइन का निर्माण कराने तथा रात्रि में अधिकारियों की अनिवार्य ड्यूटी सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता के साथ बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।
