मंगलवार, 23 जून 2026

लखनऊ : गोसाईगंज चेयरमैन ने सीएम योगी को पत्र लिखकर वर्टिकल व्यवस्था खत्म करने की मांग।।||Lucknow: Gosaiganj Chairman wrote a letter to CM Yogi demanding the abolition of the vertical system.||

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लखनऊ : 
गोसाईगंज चेयरमैन ने सीएम योगी को पत्र लिखकर वर्टिकल व्यवस्था खत्म करने की मांग।।
बिजली उपभोक्ताओं को 30 किमी दूर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे, आउट सोर्सिंग कर्मियों की बहाली और कनेक्शन में कथित धन उगाही रोकने की भी उठाई मांग।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र गोसाईगंज नगर पंचायत के चेयरमैन निखिल मिश्रा ने क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मुख्य सचिव को पत्र भेजकर बिजली विभाग द्वारा लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन गई है और इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से भटकना पड़ रहा है।चेयरमैन निखिल मिश्रा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पहले बिजली विभाग से जुड़े अधिकांश कार्य स्थानीय विद्युत उपकेंद्रों पर ही संपन्न हो जाते थे, लेकिन वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित मुख्य कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार बार-बार दौड़ने के बावजूद लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता, जिससे आम जनता में भारी नाराजगी है।
उन्होंने बिजली कनेक्शन देने के नाम पर कथित रूप से की जा रही धन उगाही पर भी रोक लगाने की मांग की। चेयरमैन का कहना है कि विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है तथा आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।निखिल मिश्रा ने जनहित का हवाला देते हुए वर्टिकल व्यवस्था के तहत हटाए गए आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मियों को तत्काल बहाल करने की भी मांग की। उनका कहना है कि इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने से क्षेत्रीय स्तर पर बिजली विभाग के कार्य प्रभावित हुए हैं और उपभोक्ताओं को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही है।चेयरमैन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर व्यवस्था की समीक्षा कराने तथा स्थानीय स्तर पर विद्युत सेवाओं को पुनः सुदृढ़ बनाने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली अधिक जनहितैषी बन सके।