लखनऊ :
अलीगंज पुरनिया अग्निकाण्ड से थर्राया शासन प्रशासन, ताबड़तोड़ कार्रवाई।
दो टूक : उत्तर प्रदेश राजधानी लखनऊ थाना अलीगंज क्षेत्र पुरनिया कोचिंग सेण्टर अग्नि काण्ड मामले मे स्थानीय थाने अभियोग 115/2026 धारा 110/105 /125 / 3(5) BNS व 6/10 उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम बनाम 04 नामजद एवं अन्य जिम्मेदार के विरुद्ध पंजीकृत कर पुलिस ने चार को गिरफ्तार लिया है। जिनका विवरण --
1. रामकृष्ण उपाध्याय, उम्र 43 वर्ष पता MM 232 सेक्टर- D अलीगंज शिव मंदिर के पास,
2. वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला , उम्र 62 वर्ष, पुत्र रामेश्वर प्रसाद शुक्ला पता 536/265 A मदेयगंज नियर बड़ा दुर्गा मंदिर सीतापुर रोड लखनऊ उम्र 62 वर्ष,
3. तूशॉक कृष्णा जायसवाल पुत्र स्वर्गीय कृष्ण कुमार जायसवाल , उम्र 31 वर्ष, पता 441 R N/ 69/ 3 नीलकंठ हॉस्पिटल लेन बालागंज लखनऊ थाना ठाकुरगंज को गिरफ्तार किया गया । अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है ।
4- सुरेश कुमार शाहू पुत्र राम अभिलाष निवासी 837B/5/123A केशवनगर थाना मड़ियांव को भी किया गया गिरफ्तार ।
विस्तार :
बताते चले कि - सोमवार को राजधानी
लखनऊ। अलीगंज के पुरनिया इलाके में लखनऊ विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग के निकम्मे अफसरों की वजह से सोमवार को 15 बेगुनाहों की जान लेने वाला दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एलडीए के नियमों को जूतों की नोक पर रखकर खड़ी की गयी चार मंजिला अवैध इमारत में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते ऊपरी मंजिल पर संचालित एनिमेशन कोचिंग सेंटर को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्र-छात्राओं की जलने और दम घुटने से मौत हुई है लौटकर घर नही पहुचने वाले है जबकि नौ लोग घायल हुए है। घायलों की स्थिति देखते हुए मौतों की संख्या में बढ़ोतरी होने का अंदेशा है। इसके साथ ही आग से बगल के मकान के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कम्यूटर की दुकान में रखा लाखों का सामान भी जलकर नष्ट हो गया। हृदयविदारक दर्दनाक काण्ड से पूरे देश को शोकाकुल कर दिया। राष्ट्रीपति, प्रधानमंत्री, समेत देश के पक्ष विपक्ष के नेताओं ने संग वरिष्ठ लोगों ने दुख जाताया है। लेकिन सीएम और डिप्टी सीएम घटना आहत और दु:खी होकर सिस्टम पर एक्शन लेना शुरु कर दिया।
वहीं घटनास्थल पर मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जरूर खुलकर अपनी बात रखते हुए 15 मौत की मौत की पुष्टि की है। इसके अलावा केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में पांच लोगों का इलाज चल रहा है। अस्पताल में भर्ती सभी लोगों की हालत नाजुक है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भावुक होकर कहा कि दुखद घटना है। हादसे की जानकारी मिलने पर सीएम योगी आदित्यनाथ व यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण व एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार समेत तमाम अधिकारी व नेता पहुंचे थे। सीएम ने हादसे के लिए जिम्मेदार विभागों के दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की बात कही है।
पुलिस ने घन चलाकर दूसरी दिवाल से बनाया रास्ता, शुरु हुआ राहत बचाव।
बिल्डिंग मालिक ने कोई मानक फॉलो किये हो न किये लेकिन दीवारें दो ईंट की मजबूत बनवाई। बस इमरजेंसी एग्जिट बनाना भूल गया। अगर दूसरा गेट होता तो लोग भाग पाते, उनकी जान बच पाती, बताया जा रहा कि मुख्य गेट पर थंब लॉक लगा था, जो आग के बीच काम ही नहीं किया और लॉक हो गया था।
पूरी घटना में यूपी पुलिस के सिपाही और इसके साथियों की जितनी सराहना हो कम होगी। इन्होंने मजबूती से घन चलाकर तीन जगहों से दीवार तोड़ी जिसके ऑपरेशन बचाव शुरू हो पाया।
