शनिवार, 20 जून 2026

कॉमनवेल्थ में गुजरात का बढ़ता दम: विश्वस्तरीय सुविधाओं और योजनाओं से तैयार हो रही पदक विजेताओं की नई फौज!!

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कॉमनवेल्थ में गुजरात का बढ़ता दम: विश्वस्तरीय सुविधाओं और योजनाओं से तैयार हो रही पदक विजेताओं की नई फौज!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//अहमदाबाद। कभी व्यापार, उद्योग और उद्यमिता के लिए पहचाना जाने वाला गुजरात अब खेल जगत में भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे, खिलाड़ियों को दी जा रही वित्तीय सहायता और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने वाली योजनाओं ने गुजरात को देश के उभरते हुए खेल केंद्रों में शामिल कर दिया है। यही कारण है कि कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गुजरात के खिलाड़ियों से पदक जीतने की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं।

राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान खेल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। इसका परिणाम यह है कि गुजरात अब केवल खेल आयोजनों की मेजबानी करने वाला राज्य नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने वाली भूमि के रूप में भी उभर रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में गुजरात कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में भारत की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

विश्वस्तरीय खेल ढांचा बना खिलाड़ियों की ताकत

गुजरात ने खेल सुविधाओं के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति की है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम के रूप में प्रसिद्ध Narendra Modi Stadium सहित कई अत्याधुनिक खेल परिसरों ने राज्य की खेल क्षमता को नई ऊंचाई दी है।

अहमदाबाद को एक बड़े स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एथलेटिक्स, तैराकी, निशानेबाजी और अन्य खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुविधाओं के कारण खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। आधुनिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, फिटनेस सेंटर और स्पोर्ट्स साइंस लैब खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात बना खेल विकास का प्रमुख आधार

राज्य में खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में Sports Authority of Gujarat की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, पोषण, उपकरण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विशेषज्ञ कोचों और खेल वैज्ञानिकों की मदद से खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

‘शक्तिदूत’ योजना से खिलाड़ियों को मिल रहा संबल

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘शक्तिदूत’ योजना उभरते खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आहार, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

इसके अलावा विदेशी और अनुभवी कोचों की नियुक्ति से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण मिल रहा है। इससे गुजरात के एथलीटों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल से तैयार हो रही नई प्रतिभाएं

ग्रामीण और छोटे शहरों की प्रतिभाओं को मंच देने के लिए जिला स्तरीय स्पोर्ट्स स्कूलों की स्थापना की गई है। इन संस्थानों में खिलाड़ियों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।

खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण पद्धतियों के माध्यम से खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक क्षमता को विकसित किया जा रहा है। यही कारण है कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी सामने आ रहे हैं।

उच्च प्रदर्शन केंद्रों से मिल रही अंतरराष्ट्रीय तैयारी

गुजरात में स्थापित उच्च प्रदर्शन केंद्र (Center of Excellence) खिलाड़ियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। यहां विदेशी कोचों और हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टरों की देखरेख में खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

खेल मनोविज्ञान, पोषण विज्ञान, बायोमैकेनिक्स और आधुनिक फिटनेस तकनीकों का उपयोग कर खिलाड़ियों की क्षमता को नई दिशा दी जा रही है। इससे कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंचों पर सफलता की संभावनाएं बढ़ी हैं।

टेबल टेनिस, बैडमिंटन और महिला खिलाड़ियों का बढ़ता दबदबा

गुजरात के खिलाड़ी अब केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं हैं। टेबल टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेलों में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। भारतीय टेबल टेनिस स्टार Harmeet Desai सहित कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है।

महिला खिलाड़ियों की भागीदारी में भी लगातार वृद्धि हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां एथलेटिक्स, तीरंदाजी और अन्य प्रतिस्पर्धी खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और कॉमनवेल्थ सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना साकार कर रही हैं।

‘खेल महाकुंभ’ ने जगाई खेल संस्कृति

राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में ‘खेल महाकुंभ’ की अहम भूमिका रही है। लाखों खिलाड़ियों की भागीदारी वाले इस आयोजन ने गांव-गांव और शहर-शहर से प्रतिभाओं को खोजने का कार्य किया है।

यही जमीनी स्तर की प्रतिभाएं आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। खेल महाकुंभ ने युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत किया है।

PEFI निभा रहा खेल क्रांति का सारथी

शारीरिक शिक्षा और खेलों को नई दिशा देने में Physical Education Foundation of India की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संस्था स्कूलों और कॉलेजों में खेल शिक्षा के आधुनिकीकरण, पारंपरिक खेलों के संरक्षण तथा वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।

कोचों और शिक्षकों के लिए खेल विज्ञान आधारित कार्यशालाएं आयोजित करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों को प्रारंभिक स्तर से ही सही मार्गदर्शन मिल रहा है।

भविष्य की ओर बढ़ता गुजरात

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, निजी क्षेत्र के सहयोग, आधुनिक सुविधाओं और खिलाड़ियों के समर्पण ने गुजरात में एक ऐसा खेल इकोसिस्टम तैयार किया है जो आने वाले वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को जन्म देगा।

कॉमनवेल्थ गेम्स के संदर्भ में देखें तो गुजरात अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पदक जीतने और भारत को गौरवान्वित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिस तरह से राज्य में खेलों का माहौल विकसित हो रहा है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में गुजरात भारतीय खेल जगत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बन सकता है।

गुजरात अब केवल विकास की दौड़ में ही नहीं, बल्कि खेलों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी जीत का परचम लहराने की तैयारी कर चुका है।