गौतमबुद्धनगर: सरकारी विभाग में वाहन लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरफ्तार, पीड़ित की कार को निजी कमाई के लिए चला रहा था आरोपी!!
दो टूक//नोएडा, 20 जून 2026। थाना फेस-1 पुलिस ने सरकारी कार्यालयों में वाहन लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अर्टिगा कार, दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी सरकारी विभागों में अच्छी आय दिलाने का लालच देकर वाहन मालिकों को अपने जाल में फंसाता था और फिर उनके वाहनों का निजी व्यावसायिक उपयोग करता था।
पुलिस के अनुसार, थाना फेस-1 नोएडा पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की सहायता से कार्रवाई करते हुए आरोपी राजकुमार यादव को झुंडपुरा बॉर्डर रेड लाइट के पास से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक वाहन मालिक को सरकारी कार्यालय में उसकी गाड़ी लगवाने और अच्छे भुगतान का भरोसा दिलाया था। झांसे में आए पीड़ित ने अपनी गाड़ी आरोपी को सौंप दी, लेकिन आरोपी ने वाहन को सरकारी विभाग में लगाने के बजाय बुकिंग और निजी कार्यों में चलाना शुरू कर दिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी परवेंद्र के आधार कार्ड का उपयोग कर दो सिम कार्ड खरीदे थे। इन सिम कार्डों के माध्यम से वह लोगों से संपर्क करता था। आरोपी विभिन्न ट्रांसपोर्टरों के व्हाट्सएप समूहों से जुड़ा हुआ था, जहां से उसे वाहन मालिकों की जानकारी मिलती थी। इसी दौरान उसकी पीड़ित से बातचीत हुई और उसने सरकारी कार्यालय में वाहन लगाने का झूठा आश्वासन देकर वाहन अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को सरकारी विभागों में वाहन अनुबंध दिलाने का लालच देता था और फिर उनके वाहनों का उपयोग निजी लाभ कमाने के लिए करता था। मामले में पुलिस आरोपी के अन्य संभावित साथियों और इसी प्रकार की अन्य घटनाओं के संबंध में भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजकुमार यादव पुत्र जंग बहादुर यादव निवासी ग्राम जागीपुर बुजुर्गा, थाना मड़ियाहूं, जिला जौनपुर (उत्तर प्रदेश) तथा वर्तमान पता अशोक नगर, थाना न्यू अशोक नगर, दिल्ली के रूप में हुई है।
इस मामले में थाना फेस-1 नोएडा में मु0अ0सं0 94/2026 के तहत धारा 316(2), 61(2) एवं 317(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार (यूके07टीई-0927), दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर धोखाधड़ी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि ऐसे मामलों में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
