गौतमबुद्धनगर: गुमशुदा बच्चों के मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर, डीसीपी महिला सुरक्षा ने किया एएचटी थाने का वार्षिक निरीक्षण!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 22 जून। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में महिला एवं बाल सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति ने एसीपी महिला सुरक्षा दीक्षा सिंह के साथ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन तथा अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
निरीक्षण के दौरान डीसीपी महिला सुरक्षा ने थाना कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष, अभिलेख कक्ष, थाना हवालात तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने थाना स्तर पर संचालित प्रशासनिक एवं विवेचनात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए अभिलेखों और रजिस्टरों के रखरखाव की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान अभिलेखों को सुव्यवस्थित एवं अद्यतन बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
डीसीपी सुनीति ने थाना प्रभारी एवं समस्त विवेचकों के साथ बैठक कर गुमशुदा बच्चों से संबंधित लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे संवेदनशील मामलों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके और बच्चों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित हो।
निरीक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता (Special Need) वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अपराजेय’ की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। डीसीपी ने कहा कि इस अभियान के तहत संवेदनशील मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई, नियमित सत्यापन, सतत निगरानी और जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर स्तर पर समन्वित और संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा पुलिस कमिश्नरेट की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और मानव तस्करी, गुमशुदगी तथा बच्चों से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए सभी इकाइयों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। निरीक्षण के दौरान थाना स्तर पर उपलब्ध संसाधनों, कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक सुझाव दिए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के नियमित निरीक्षणों का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा प्रभावी बनाना है, जिससे महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।।
