सोमवार, 22 जून 2026

गौतमबुद्धनगर बना निर्यात का पावरहाउस, ‘जिला निर्यात हब’ को नई उड़ान देने के लिए डीएम ने कसी कमर!!

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गौतमबुद्धनगर बना निर्यात का पावरहाउस, ‘जिला निर्यात हब’ को नई उड़ान देने के लिए डीएम ने कसी कमर!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 22 जून 2026। जनपद गौतमबुद्धनगर को देश और प्रदेश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में “डिस्ट्रिक्ट ऐज एक्सपोर्ट हब (District as Export Hub)” योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्यातकों, उद्योग संगठनों, संबंधित विभागों के अधिकारियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए निर्यात संवर्धन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया।

बैठक की शुरुआत में उप महानिदेशक विदेश व्यापार (डीजीएफटी) हेमंत कुमार ने विदेश व्यापार महानिदेशालय की वर्तमान और आगामी पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश के सबसे अग्रणी निर्यातक जिलों में शामिल है और प्रदेश के कुल निर्यात में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि जनपद की औद्योगिक क्षमता और वैश्विक बाजारों तक पहुंच इसे प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार बनाती है।

बैठक के दौरान एचएचईडब्ल्यूए एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.पी. शर्मा ने निर्यातकों की जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने डीजीएफटी, कस्टम विभाग और एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीसी) से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए निर्यात प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि एडवांस ऑथराइजेशन एवं ईपीसीजी लाइसेंस के संशोधन और क्लोजर की प्रक्रिया में अत्यधिक विलंब हो रहा है। इसके अलावा इंपोर्टर एक्सपोर्टर कोड (आईईसी) प्रोफाइल और डिजिटल सिग्नेचर के अपडेट में भी तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कारोबारियों को अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

निर्यातकों ने कस्टम विभाग से जुड़ी चुनौतियों को भी बैठक में प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) पर माल की जांच में अत्यधिक समय लगना, वैल्यूएशन और क्लासिफिकेशन से जुड़े मामलों में बार-बार पूछताछ, आईजीएसटी रिफंड के निस्तारण में देरी तथा कस्टम अधिकारियों और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय का अभाव निर्यात गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।

जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्यातकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी निर्यात हब के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

उप महानिदेशक विदेश व्यापार हेमंत कुमार ने भी निर्यातकों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग हरसंभव सहयोग करेगा और आवश्यक मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं उपायुक्त उद्योग एवं सदस्य सचिव पंकज निर्वाण ने निर्यात वृद्धि के लिए तैयार की गई विभागीय कार्ययोजना और विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।

बैठक में प्रमुख निर्यातकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों में भारत दीप, अनिल अग्रवाल, अनभय साध, पी.के. कपूर, शशि नांगिया सहित कई उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की निर्यात क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना, उद्योग जगत की समस्याओं का समाधान करना तथा गौतमबुद्धनगर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना रहा।

बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि प्रशासन और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से गौतमबुद्धनगर आने वाले समय में निर्यात के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलेगी।।