मंगलवार, 26 मई 2026

सुल्तानपुर : हाईकोर्ट ने डीएम के खिलाफ लगाया पांच हजार का जुर्माना।।Sultanpur: The High Court imposed a fine of five thousand rupees against the DM.||

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सुल्तानपुर : 
हाईकोर्ट ने डीएम के खिलाफ लगाया पांच हजार का जुर्माना।।
आदेश का अनुपालन नहीं करने पर अवमानना मामले में कार्यवाही।
दो टूक : सुलतानपुर जनपद में प्रोन्नति के अनुसार रिटायर्डकर्मियों के आर्थिक लाभ का भुगतान नहीं करने के मामले मे हाईकोर्ट ने डीएम के खिलाफ कड़ा रूख अपनाया है। सोमवार को सामने आए आदेश में हाईकोर्ट ने आदेश का अनुपालन नहीं करने पर डीएम सुलतानपुर इंद्रजीत सिंह के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता की याचना पर उन्हें जवाब
दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अवसर दिया है और जवाब के साथ ही अनुपालन आदेश भी पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए मामले को छह जुलाई की तिथि पर सूचीबद्ध करने का आदेश जारी किया है।
कोतवाली नगर के रहने वाले याची जय शंकर पाण्डेय व अनिरुद्ध श्रीवास्तव सहित अन्य ने जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को पक्षकार बनाते हुए उनके खिलाफ अवमानना याचिका हाईकोर्ट में पेश किया है। उनके आरोप के मुताबिक साल 1986 में चयन कमेटी के जरिए संग्रह अमीन पद पर उनकी नियुक्ति हुई थी,जिन्हें 31 अगस्त साल 2018 को संग्रह अमीन से राजस्व निरीक्षक पद पर प्रोन्नत कर दिया गया था। पर उनके सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पक्ष में नियमानुसार भुगतान नहीं किया गया,जबकि अन्य के पक्ष में लाभ देते हुए भुगतान किया गया। याचीगण के मुताबिक जिम्मेदार अफसरों के जरिए मामले में सुनवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने हाईकोर्ट की शरण लिया था। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए गत 21 जनवरी को आवेदन प्राप्त होने से आठ सप्ताह के भीतर नियमानुसार भुगतान का आदेश दिया था। याचीगण के आरोप के मुताबिक तत्कालीन डीएम कुमार हर्ष के जरिए मामले में लापरवाही बरतते हुए भुगतान नहीं किया गया और निर्धारित समयावधि से भी काफी ज्यादा समय बिता दिया गया। मामले में याची पक्ष ने वर्तमान डीएम इंद्रजीत सिंह को पक्षकार बनाते हुए अवमानना याचिका पेश किया है। जिस पर सुनवाई करते हुए गत 30 अप्रैल को हाईकोर्ट ने डीएम को गत 21 जनवरी को पारित किए गए आदेश का पालन नहीं करने पर नियत तिथि पर व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश दिया था। मामले में गत 20 मई को सुनवाई के दौरान डीएम की तरफ से अनुपालन आदेश नहीं पेश किया गया बल्कि सरकारी वकील ने जवाब पेश करने के लिए समय की मांग किया। जिस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो सप्ताह में अनुपालन आदेश के साथ जवाब पेश करने के लिए कहा है। साथ ही हाईकोर्ट ने डीएम के खिलाफ पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए यह धनराशि राज्य सरकार की निधि के बजाय व्यक्तिगत स्तर पर याची के पक्ष में अदा करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने डीएम के इस कार्य व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पूर्व आदेश का समय पर पालन नहीं करने व ऐसे आचरण की वजह से ही याची को विवश होकर अवमानना याचिका पेश करनी पड़ी है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिकाओ को दायर होने से रोकने के लिए कोर्ट आदेश का समय पर पालन नहीं करने वाले अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाना आवश्यक है। मामले में आगामी सुनवाई अगली नियत तिथि पर होगी।