मऊ :
घोसी टडियाव शिव मंदिर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का हुआ आगमन, उमड़ा जनसैलाब ।।
गौ रक्षार्थ यात्रा पर गोरखपुर से निकले धर्म गुरु शकराचार्य अभिमुक्तेश्वरा नंद पहुचे मऊ ।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद के घोसी क्षेत्र टडियाव स्थित प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का भव्य आगमन हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और भारी संख्या में ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति रही।
विस्तार :
जानकारी के अनुसार धर्म गुरु शकराचार्य अभिमुक्तेश्वरा नंद 81 दिन की गौ रक्षार्थ संकल्प को लेकर 81 दिवसीय यात्रा का पड़ाव शुक्रवार को जनपद मऊ के घोसी क्षेत्र टडियाव शिव मंदिर पहुंचे। जहां पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य रूप से रणधीर सिंह की भूमिका सक्रिय रही। इस अवसर पर राजनीति और समाज सेवा से जुड़े कई दिग्गजों ने महाराज का आशीर्वाद लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष अध्यक्ष दुधनाथ यादव मऊ, कांग्रेस पार्टी जिला अध्यक्ष मऊ राजमंगल यादव,घोसी विधानसभा अध्यक्ष लालचंद यादव राजेन्द्र पांडेय, पूर्व ब्लाक प्रमुख घोसी सुजीत सिंह, राणा सिंह, और संजय सिंह।स्वामी जी के दर्शन हेतु दर्जनों गाँवों से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण को भक्तिमय कर दिया।
कार्यक्रम में स्वामीनाथ राय, स्वदेश, आशुतोष, नीक्कू, रघुनाथ, रामाशीष लालू सिंह, विजय, उमेश, त्रिलोकी सिंह और अभय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय सम्मानित जनता मौजूद रही।
महाराज के आगमन से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिकता का संचार हुआ है।" मंदिर प्रांगण में हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। आयोजन में भारी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने हिस्सा लेकर अपनी अटूट श्रद्धा प्रदर्शित की।दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विभिन्न दलों के नेताओं ने एक ही मंच पर उपस्थिति दर्ज कराई।
धर्म गुरु शकराचार्य अभिमुक्तेश्वरा नंद ने मीडिया से संवाद करते हुए कहा लोक कल्याण और गौ माता की प्राण रक्षा के लिए यात्रा पर चल रहा हूं। गोरखपुर के ग्रामीण इलाके से प्रारम्भ होकर सभी जनपदों से होते हुए पुन: गोरखपुर में ही समाप्त है जो गाय की रक्षा का पक्का वचन देगा बाबा उसके साथ है। हिंसा कहीं भी हो मानावता के लिए सही नही है। गौ माता की जय हो विश्व का कल्याण हो।
