लखनऊ :
स्कार्पियो सवारों ने मारपीट कर चालक को किया अगवाह कर उन्नाव मे छोड़ा,रिपोर्ट दर्ज।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कोतवाली सरोजनी नगर क्षेत्र में स्कार्पियो सवार ने एक युवक को अस्पताल ले जाने के बहाने अगवा कर बेरहमी से पीटाई किया और आरोपियों ने उसे स्कॉर्पियो में डालकर सीतापुर और फिर उन्नाव ले जाकर जमकर मारपीटा और घर पर फोन कराकर कहलावा की एसटीएफ ले गई। पीडित किसी तरह भागकर घर पहुचा और मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन मे किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विस्तार :
मिली जानकारी के अनुसार थाना सरोजनी नगर के गंगानगर अमौसी निवासी 24 वर्षीय गिरजेश सिंह जो पेशे से चालक है। गिरजेश ने स्थानीय थाने मे तहरीर देते हुए बताया कि बीते बुधवार 20 मई को दोपहर करीब 12 बजे उसके दोस्त अक्षांश सिंह ने उसे मोबाइल पर कॉल कर अमौसी रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएस मिश्रा अस्पताल बुलाया जहां एक स्कॉर्पियो में संदीप सिंह चौहान, इशांत प्रताप सिंह सेंगर और यशस्वी ललित श्रीवास्तव उर्फ यश मौजूद थे। इन सभी ने मिलकर गिरजेश को जबरन स्कॉर्पियो में डाल लिया। उसकी आंखों पर पट्टी बांधी गई और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित गिरजेश का मोबाइल लेकर उसके घर के नंबर पर व्हाट्सएप कॉल की। आरोपियों ने पीड़ित के सिर पर पिस्टल तान कर कहा कि घर में बता दो एसटीएफ उठा ले गई है।
पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान आरोपी उसकी बुरी तरह पिटाई करते हुए उन्नाव ले जाकर एक कमरे बन्दकर के जमकर पिटाई की और उसके बाद फरार हो गए और किसी तरह भाग कर जान बचाते हुए घर पहुचा।
पुलिस के अनुसार पीडित गिरजेश पुत्र शिवप्रकाश निवासी गंगानगर अमौसी थाना सरोजनीनगर जनपद लखनऊ उम्र करीब 25 वर्ष को अमौसी निवासी संदीप सिंह एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा टी.एस. मिश्रा मेडिकल कॉलेज* के पास बुलाया गया था। वहां उसे स्कॉर्पियो वाहन में बैठाकर वाराणसी में दर्ज एक मुकदमे के संबंध में उसके भाई के न्यायालय में उपस्थित न होने के बारे में पूछताछ की गई।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद एवं कहासुनी हो गई,जिसके दौरान गिरजेश के साथ गाली-गलौज एवं मारपीट की गई। बाद में संबंधित व्यक्तियों द्वारा उसेजनपद उन्नाव क्षेत्र में छोड़ दिया था।
उक्त प्रकरण में पीडित के प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना सरोजनीनगर पर मु0अ0सं0-186/2026 धारा 115(2), 352, 351(3), 127(2) बीएनएस पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
