शुक्रवार, 1 मई 2026

मऊ :घोसी सांसद राजीव राय ने बिना सहमति जबरन स्मार्ट मीटर लगाने स्थापना और बिलों में धांधली की सीबीआई (CBI) जांच हेतु पीएम को लिखा पत्र।||Mau:Ghosi MP Rajiv Rai has written to the Prime Minister requesting a CBI investigation into the forced installation of smart meters without consent and the fraudulent billing.||

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मऊ :
घोसी सांसद राजीव राय ने बिना सहमति जबरन स्मार्ट मीटर लगाने स्थापना और बिलों में धांधली की सीबीआई (CBI) जांच हेतु पीएम को लिखा पत्र।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।
दो टूक : ​मऊ जनपद के घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद  राजीव राय ने उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्मार्ट प्री-पेड मीटरों की स्थापना में हो रही कथित अनियमितताओं और उपभोक्ताओं के शोषण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में उन्होंने  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी को एक विस्तृत पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
​सांसद राजीव राय ने अपने पत्र में सदन की कार्यवाही का हवाला देते हुए बताया कि 2 अप्रैल, 2026 को लोक सभा में  विद्युत मंत्री  मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया था कि सरकार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बाध्य नहीं कर रही है। इसके बावजूद, मऊ जिले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा लगभग 1.35 लाख स्मार्ट मीटर बिना उपभोक्ताओं की सहमति के और 'सरकारी आदेश' के नाम पर भ्रामक तरीके से जबरन लगाए जा रहे हैं।

​मुख्य बिंदु और चिंताएं:

​बढ़े हुए बिल: उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत असामान्य रूप से अधिक दर्ज हो रही है, जिससे बिल पूर्व की तुलना में लगभग दोगुने आ रहे हैं।

​सहमति का अभाव: मीटर लगाने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की कोई सहमति नहीं ली जा रही है, जो कि सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।

​निजी कंपनियों के साथ साठगांठ का आरोप: सांसद ने आशंका जताई है कि सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच मिलीभगत है, ताकि भविष्य में वितरण व्यवसाय (डिस्कॉम) के निजीकरण के समय इन कंपनियों को अनुचित लाभ मिल सके।

​सांसद की प्रमुख मांगें:

​मऊ जिले में स्मार्ट मीटरों की स्थापना और उनकी कार्यप्रणाली की एक स्वतंत्र और व्यापक समीक्षा की जाए।

​जिन उपभोक्ताओं ने सहमति नहीं दी है, उन्हें अपनी पसंद का बिजली मीटर चुनने का विकल्प दिया जाए।

​विवादित मीटरों की किसी तीसरे पक्ष (Third Party) से निष्पक्ष जांच और कैलिब्रेशन कराया जाए।

​पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच हो ताकि निजी कंपनियों और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके।

​सांसद राजीव राय ने चेतावनी दी है कि यदि जनता के हितों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।