गौतमबुद्धनगर: म्यांमार के राष्ट्रपति ने किया एनटीपीसी नेट्रा का दौरा, भारत की स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों से हुए प्रभावित!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 31 मई। भारत की उन्नत स्वच्छ ऊर्जा और अनुसंधान क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले एक महत्वपूर्ण अवसर पर म्यांमार के माननीय राष्ट्रपति महामहिम मिन आंग ह्लाइंग ने रविवार को एनटीपीसी लिमिटेड की अनुसंधान एवं विकास इकाई एनटीपीसी एनर्जी टेक्नोलॉजी रिसर्च अलायंस (नेट्रा) का दौरा किया। उनके साथ म्यांमार के उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भी विभिन्न अत्याधुनिक ऊर्जा परियोजनाओं और अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया।
नेट्रा परिसर पहुंचने पर एनटीपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह, नेट्रा के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख शाश्वत्तम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति और प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्हें एनटीपीसी की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा, ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी के योगदान तथा म्यांमार में पूर्व में संचालित गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रतिनिधिमंडल को एनटीपीसी द्वारा स्वच्छ ऊर्जा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए भी नई तकनीकों के विकास पर लगातार कार्य कर रही है।
दौरे के दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति ने नेट्रा की अत्याधुनिक इन-हाउस पायलट परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इनमें 4 मेगावाट/1 मेगावाट-घंटा क्षमता वाला सौर माइक्रोग्रिड, 3 मेगावाट-घंटा वैनाडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, ग्रीन हाइड्रोजन हब तथा कृषि एवं नगर ठोस अपशिष्ट से बिजली उत्पादन करने वाला गैसीकरण संयंत्र प्रमुख रहे। इन परियोजनाओं ने भारत की तकनीकी क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
महामहिम राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने इन तकनीकों को भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए एनटीपीसी के प्रयासों की सराहना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित होगा। इसके माध्यम से क्षमता निर्माण, तकनीकी आदान-प्रदान, नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार तथा टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के विकास के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
यह दौरा भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक माना जा रहा है। एनटीपीसी नेट्रा में विकसित की जा रही आधुनिक तकनीकें न केवल भारत के ऊर्जा भविष्य को आकार दे रही हैं, बल्कि दुनिया के कई देशों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
