मंगलवार, 26 मई 2026

गौतमबुद्धनगर: नवतपा की तपिश में दिव्यांग बच्चों ने बांटी राहत, फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन की पहल बनी मिसाल!!

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गौतमबुद्धनगर: नवतपा की तपिश में दिव्यांग बच्चों ने बांटी राहत, फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन की पहल बनी मिसाल!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। भीषण गर्मी और नवतपा की झुलसाती तपिश के बीच मानवता और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन के दिव्यांग बच्चों ने राहगीरों, मजदूरों और रिक्शा चालकों को ठंडा शरबत, जूस और मीठा पानी वितरित किया। इस पहल ने न सिर्फ लोगों को गर्मी से राहत दी, बल्कि समाज को संवेदनशीलता और सेवा का संदेश भी दिया।

फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। इसी सोच के तहत रविवार को संस्था की ओर से विशेष सेवा अभियान चलाया गया। नवतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से टैंग, रूह अफ़ज़ा और अन्य ठंडे पेय तैयार किए और सड़कों पर निकलकर जरूरतमंदों को वितरित किए।

इस दौरान निर्माण स्थलों पर कार्य कर रहे मजदूरों, रिक्शा चालकों और राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाकर बच्चों ने मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच जब लोगों को ठंडा पेय मिला तो उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई। कई लोगों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में ऐसी सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन के निदेशक, फिजियोथेरेपिस्ट एवं एर्गोनोमिस्ट डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि संस्था केवल बच्चों के उपचार और शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जब दिव्यांग बच्चे समाज की सेवा के लिए आगे आते हैं तो यह संदेश और भी प्रभावशाली बन जाता है।

संस्था की प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाना बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।

विंसम स्टेप्स की प्रबंध निदेशक श्रीमती पूनम मिश्रा, फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, एडमिन हेड कृष्णा यादव, स्पेशल एजुकेटर एलिका रावत और फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

सेंटर मैनेजर सुरभि जैन ने बताया कि निर्जला एकादशी के अवसर पर जल सेवा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ इसका वैज्ञानिक महत्व भी है, क्योंकि इस समय शरीर को अधिक पानी और ठंडे पेय की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि नवतपा के दौरान हीट वेव से बचाव बेहद जरूरी है और ऐसे सामाजिक कार्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, सेवा और संवेदनशीलता से जोड़ते हैं।

फाउंडेशन के इस सराहनीय प्रयास ने यह साबित कर दिया कि सेवा और संवेदनशीलता किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। दिव्यांग बच्चों द्वारा किया गया यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा बन गया है और लोगों को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का संदेश दे रहा है।