लखनऊ :
जिला पंचायत सदस्य समेत चार गांजा तस्कर गिरफ्तार,51 लाख का गांजा बरामद।
दो टूक : कानपुर व बाराबंकी एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई, 51.50 लाख रुपये कीमत का मादक पदार्थ जब्त।
विस्तार :
उत्तर प्रदेश के कानपुर और बाराबंकी की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की संयुक्त टीम ने शनिवार को राजधानी के बीबीडी थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के अंतरजनपदीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में मोहनलालगंज क्षेत्र के एक जिला पंचायत सदस्य समेत चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 103 किलोग्राम गांजा, दो कारें और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 51 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीबीडी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।एएनटीएफ यूनिट कानपुर के प्रभारी निरीक्षक अयनुद्दीन के अनुसार, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बाराबंकी एएनटीएफ के सहयोग से बीबीडी थाना क्षेत्र के बबुरिहा पावर हाउस के सामने नहर पुलिया तिराहे पर घेराबंदी कर दो कारों में सवार चार संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान कारों में छिपाकर रखा गया 103 किलो गांजा बरामद हुआ।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार जायसवाल निवासी शाह मोहम्मदपुर अपैया थाना नगराम, विशाल पांडेय निवासी कंचनपुर मटियारी लखनऊ, सौरभ जायसवाल निवासी दशहराबाग थाना कोतवाली नगर बाराबंकी तथा अखिलेश कुमार निवासी बेहटा मुजावर जनपद उन्नाव के रूप में हुई है।पूछताछ में मुख्य आरोपी जितेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि वह लंबे समय से बिहार से बड़ी मात्रा में गांजा मंगवाकर राजधानी लखनऊ और आसपास के जनपदों में अपने साथियों के साथ सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, जितेंद्र कुमार जायसवाल मोहनलालगंज क्षेत्र से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य है और उसने एक प्रमुख राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव जीता था।
एएनटीएफ टीम ने सभी आरोपियों और बरामद माल को बीबीडी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
