शुक्रवार, 22 मई 2026

टीबी मुक्त गांवों की ओर बढ़ता गौतमबुद्धनगर: 17 ग्राम पंचायतें सम्मानित, जनभागीदारी बनी सफलता की कुंजी!!

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टीबी मुक्त गांवों की ओर बढ़ता गौतमबुद्धनगर: 17 ग्राम पंचायतें सम्मानित, जनभागीदारी बनी सफलता की कुंजी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 22 मई 2026।
जनपद गौतमबुद्धनगर में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए “क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम” के अंतर्गत 17 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। विकास भवन सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका की अध्यक्षता में पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करते हुए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों को उनके उत्कृष्ट कार्यों और जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
दो ग्राम पंचायतों — चचूरा एवं दलेलपुर — को रजत श्रेणी से सम्मानित किया गया। वहीं छायसा, रायपुर कला, शाहपुर खुर्द, लोडोना, माहारा एवं चुहड़पुर बांगर ग्राम पंचायतों को सिल्वर श्रेणी में सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त इस्लामाबाद कलदा, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, गुलावठी खुर्द, कैमराला चकरसेनपुर, नूरपुर, धनुबाश, मकनपुर खादर, मोडलपुर एवं जहाँगीरपुर ग्राम पंचायतों को कांस्य श्रेणी में सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को महात्मा गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रियंका ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए जनसहभागिता और जागरूकता बेहद आवश्यक है। उन्होंने ग्राम प्रधानों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर चलाए गए जागरूकता अभियानों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को टीबी मुक्त बनाना है और इसमें ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर जांच, उपचार और जागरूकता के माध्यम से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधानों ने घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कराने, लोगों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने तथा टीबी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर चलाए गए अभियानों से ग्रामीणों में बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ी है और मरीजों की समय पर पहचान संभव हो सकी है।

सम्मानित ग्राम प्रधानों ने भी कार्यक्रम में अपनी खुशी व्यक्त करते हुए संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी अपने गांवों को टीबी मुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे तथा ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।

कार्यक्रम में जिला क्षय रोग विभाग के पवन कुमार, हरिओम प्रकाश, अम्बुज पाण्डेय, आलोक कुमार, कमल आर्य, गौरव सक्सेना, अशोक कुमार एवं वीरेंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।।